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साधन सहकारी समितियों पर है यूरिया का अकाल

Varanasi Bureau Updated Wed, 12 Sep 2018 10:56 PM IST
धान की फसल में यूरिया के छिड़काव के समय जिले के साधन सहकारी समितियों पर यूरिया का अकाल है। समितियों के सचिव खाद मंगाने के प्रति उदासीनता बरत रहे हैं। वहीं, समितियों पर यूरिया नदारद रहने से निजी दुकानदारों की चांदी कट रही है। वह किसानों से मनमाना दाम वसूल रहे। विभाग की तरफ से 2650 एमटी यूरिया समितियों पर भेजी गई है।
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जिले में 92 साधन सहकारी समितियां हैं। इसके अलावा 10 पीसीएफ, 10 डीसीएफ तथा 400 से अधिक निजी दुकानों को उर्वरक बेचने का लाइसेंस जारी किया गया है। धान की फसल में यूरिया के छिड़काव की जरूरत है, लेकिन जरूरत के समय साधन सहकारी समितियों पर यूरिया नदारद है। किसानों की मानें तो धान की रोपाई के समय यूरिया मिली थी, लेकिन इसके बाद समितियों पर यूरिया आई ही नहीं। अब धान के फसल में यूरिया के छिड़काव की जरूरत है तो समितियों पर यूरिया ही नदारद है। समितियों पर यूरिया नदारद रहने से निजी दुकानदारों की चांदी कट रही है। दुकानदार मनमाने दाम पर यूरिया बेच रहे हैं। 45 किग्रा यूरिया की बोरी पर सरकारी मूल्य 299 रुपया जबकि 50 किग्रा यूरिया के बैग पर 330.50 रुपया है। यूरिया की कमी के चलते निजी दुकानदार बाजार में 320 से 350 रुपये तक बेच रहे हैं।
अधिकारियों की मानें तो समितियों पर पीओएस मशीन में तकनीकी खामी के चलते समस्या उत्पन्न होने के चलते खाद आपूर्ति में समस्या आई थी। समितियों के लिए 2650 एमटी यूरिया का रैक जारी किया गया है। फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के नंदौर, मधुबन, नेवादा, कटघराशंकर सहित विभिन्न साधन सहकारी समितियों पर अगस्त माह से ही यूरिया नदारद है। समितियों पर यूरिया न रहने से निजी दुकानदार मनमाना दाम वसूल कर रहे हैं।
पिपरीडीह : क्षेत्र के गोड़ी की मठिया, रैकवारडीह साधन सहकारी समितियों पर यूरिया का अकाल रहने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की शिकायत के बाद भी यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की जा सकी है। कुसुम्हा : क्षेत्र के सियरही बर्जला, गोठा साधन सहकारी समितियों पर अगस्त माह से ही यूरिया नदारद है। किसान मारकंडेय राय, जयप्रकाश राय, अतुल राय, श्यामशरण उपाध्याय, नागेंद्र राय का कहना है कि समितियों पर जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिलती है। निजी दुकान से अधिक कीमत पर खरीदना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी मामले की जांच तक नहीं कराई जा सकी है।

कोट
समितियों के लिए 2650एमटी यूरिया भेजी गई है। 2000 एमटी की रैक आने वाली है। यूरिया का संकट नहीं रहेगा। औचक निरीक्षण में शासन से निर्धारित अधिक मूल्य पर बेचते पकड़े जाने पर लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
उमेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी

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