बढुुआगोदाम। लेखपाल धीरज सिंह के शव का पोस्टमार्टम सोमवार की रात में ही किया गया। मंगलवार की तड़के पुलिस ने शव परिवार वालों को सौंप दिया। शव लेखपाल के सहादतपुरा स्थित मकान पर ले जाया गया। वहां पर परिवार वालों और लेखपाल संघ ने मृतक के दो बेटों को नौकरी देने, मृतक आश्रितों को 50 लाख रुपये सहायता राशि देने ,राजकीय सम्मान के साथ अन्त्येष्टि करने ,शहीद का दर्जा देने और हत्यारों की गिरफ्तारी अधिकतम 72 घंटे के अंदर करने की मांग किया। लेखपाल की हत्या के विरोध में लेखपालों ने काम काज बंद रखा। सदर तहसील में पूरे दिन ताला बंद रहा। लेखपालों ने चेतावनी दी कि यदि 72 घंटे में हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो पूर्र प्रदेश में हडताल की जाएगी। इस दौरान मौके पर मौजूद एडीएम मऊ डीपी पाल और अपर पुलिस अधीक्षक एसके श्रीवास्तव ने बच्चो को नौकरी देने के लिए शासन को पत्र लिखने तथा आरोपियों की गिरफ्तारी करने का आश्वासन दिया। साथ ही कहा कि शहीद का दर्जा और शव को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करने सम्बन्धी निर्णय केंद सरकार लेती है। अफसरों ने कहा कि आपलोगो की मांग सम्बधी प्रस्ताव को केंद्र को भेज दिया जाएगा। इतना आश्वाशन मिलने पर परिवार के सदस्य और लेखपाल संघ शव को लेकर लेखपाल के पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उमड़ी भीड़ और तनाव देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए थे। शाम को दोहरीघाट में मुक्तिधाम पर सरयू तट स्थित श्मशान पर लेखपाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर मृतक के बड़े भाई डॉ. संतोष सिंह, पूर्व विधायक सुधाकर सिंह , लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष परास नाथ पासी, मंत्री उदयभान यादव,अरुनेंद्र कुमार यादव , राजेश भारती, राहुल, लक्ष्मण राम, देवेंद्र नाथ यादव, राघवेंद्र सिंह सहित जिले के अधिकांश लेखपाल मौजूद रहे।