नगर पालिका तथा नगर पंचायतों में कराए गए विकास कार्य में करोड़ों का गोलमाल किया गया है। शासन स्तर से वर्ष 2017-18 के लिए जारी सीएजी रिपोर्ट में छह करोड़ से अधिक की घपलेबाजी सामने आई है। नगर पंचायत वलीदपुर में सबसे अधिक दो करोड़ 33 लाख 39 हजार 922 रुपया की धांधली सामने आई है। गोलमाल करने वालों पर शिकंजा कसने की कवायद शुरू हो गई है।
नगरपालिका तथा नगर पंचायतों में विकास कार्य के लिए सरकार प्रतिवर्ष अलग-अलग मदों से करोड़ों रुपये का बजट जारी करती है। जिससे पेयजल, बिजली, नाली, इंटरलाकिंग सहित अन्य जरूरी विकास कार्य कराए जाते हैं। चहेतों को लाभ देने और कमीशन के चक्कर में प्रशासनिक तथा विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से संबंधित निकायों के अध्यक्ष तथा अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर सरकारी धन का बंदरबांट किया। यह सीएजी जांच में सामने आया है।
वर्ष 2017-18 में नगरपालिका प्रशासन की तरफ से दुकानों के लिए किराएदारों से वसूली के लिए प्रभावी कार्रवाई न किए जाने से नगर पालिका को चार लाख 17 हजार 316 रुपये की क्षति हुई। इसी तरह बिना टेंडर आमंत्रित किए ही नौ लाख छह हजार 336 रुपया की विद्युत सामग्रियों का क्रय कर अनियमित तरीके से भुगतान किया गया।
नगर पंचायत मुहम्मदाबादगोहना में 28 अप्रैल 1997 को शासन की तरफ से गाइडलाइन जारी किए जाने के बाद भी गृहकर का पुन: निर्धारित शुल्क लागू न किए जाने से 11 लाख 80 हजार 318 रुपया की क्षति हुई। यही नहीं खड़ंजा कार्य के ऊपर इंटरलाकिंग कराकर 30 लाख 30 हजार 316 रुपया के अनुदान का दुरुपयोग किया गया है।
इसी क्रम में नगर पंचायत कोपागंज में स्थानीय निकाय द्वारा स्थानीय संपत्तियों में 25 प्रतिशत तथा व्यवसायिक संपत्तियों में 50 प्रतिशत वृद्धि का आदेश है, लेकिन नगर पंचायत प्रशासन ने शासनादेश को ताक पर रखा। जिससे नगर पंचायत को 63 लाख 74 हजार 760 रुपया की क्षति हुई। वाहन अड्डा शुल्क में 15 से 20 प्रतिशत वृद्धि करने का आदेश था। नियम को ताक पर रखकर न्यूनतम ठेका दे दिया गया था। इससे पंचायत को 35 लाख 90 हजार रुपया सरकारी राजस्व की चपत लगी। इसी क्रम में बिना नेशनल हाईवे अथारिटी से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए ही एनएच की पटरियों पर इंटरलाकिंग कार्य में गड़बड़ी कर 11 लाख 82 हजार 13 रुपया सरकारी धन का बंदरबाट किया गया।
इसी तरह घोसी नगर पंचायत में प्राथमिक विद्यालय गौरीडीह से दुर्गविजय के मकान तक स्ट्रीटलाइट कार्य में अधिशासी अभियंता विद्युत द्वारा सत्यापन नहीं कराया गया। 19 लाख 47 हजार 270 रुपया का अनियमित भुगतान किया गया। मेसर्स ऊन सेवा आश्रम दरियांव हड़हुआ से 1500 अदद कंबल वितरण में सात लाख 35 हजार रुपये की बंदरबांट की गई।
इसी तरह नगर पंचायत दोहरीघाट में आदर्श नगर योजना के तहत नगर पंचायत में विद्युतीकरण का काम नियम के तहत न कराया गया। 21 लाख 85 हजार 595 रुपये की बंदरबांट की गई। इसी तरह विभिन्न निर्माण कार्यों में वित्तीय प्रक्रियाओं का पालन न किए जाने से नगर पंचायत को 38 लाख 51 हजार 167 रुपया सरकारी राजस्व की बंदरबांट की गई।
इनसेट
तीन नगर पंचायतों में सरकारी राजस्व में लंबा खेल
मऊ। सीएजी रिपोर्ट के अनुसार 2017-18 में अमिला नगर पंचायत में नया सवेरा नगर विकास योजना के तहत एलईडीलाइट, पोल, विद्युतीकरण में व्यापक पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की गई है। 91 लाख 788 रुपया का घपला सामने आया है।
नगर पंचायत वलीदपुर में अनुदान की प्राप्त धनराशि से 375 मीटर या इससे कम चौड़ी सड़क का निर्माण कार्य कराया जाना था। लेकिन कार्यदायी संस्था ने मनमाने ढंग से काम किया। नगर पंचायत प्रशासन ने छह लाख 98 हजार 840 रुपये का भुगतान किया। इसी तरह शासन की स्वीकृति के बिना ही आउटसोर्सिंग से 66 जनशक्ति को कार्य पर रखकर प्रतिमाह चार लाख 21 हजार 212 रुपया सरकारी राजस्व का चूना लगाया गया।
नव सृजित नगर पंचायत वलीदपुर में घोसी मार्ग से खाद गोदाम तक 200 विद्युत पोल तथा विद्युतीकरण कराए जाने में व्यापक पैमाने पर वित्तीय अनियमितता बरती गई। दो करोड़ 22 लाख 19 हजार 870 रुपया के सरकारी राजस्व की जमकर बंदरबांट की गई।
इसी तरह नगर पंचायत अदरी में करों व शुल्क की गत और विगत वर्षों की 16 लाख छह हजार 322 रुपया की वसूली के लिए प्रभावी कार्यवाही न किए जाने से नगर पंचायत की सरकारी राजस्व का चूना लगा। एलईडी लाइट, विद्युत पोल, हाईमास्ट अधिष्ठापन आदि कार्य में व्यापक पैमाने पर वित्तीय अनियमितता बरते जाने से नगर पंचायत के 42 लाख 32 हजार 250 रुपया की बंदरबांट की गई।
कोट
सीएजी रिपोर्ट का अध्ययन कर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में संबंधित दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -बीपी सिंह, अपर जिलाधिकारी