अमिला। कस्बा स्थित बाबा थानीदास की धुनि पर चल रहे मानस कथा प्रवचन शनिवार की शाम संपन्न हो गया। मानस वक्ता नीरज शास्त्री ने कहा कि भगवान भाव, प्रेम का भूखा होता है, उसे और क्या चाहिए, जो सबको देने वाला है। सबका भरण-पोषण करने वाला है। ईश्वर से मिलन तभी संभव है, जब निष्कपट भाव से भक्ति हो । इसके लिए सत्संग सबसे बड़ा माध्यम है । मानस वक्ता रमाशंकर पांडेय ने कहा कि भाव रूपी भक्ति से सब कुछ हासिल किया जा सकता है । बाकी तो कलियुग के इस माया नगरी में मात्र चकाचौंध के कुछ भी नहीं है। कथा के अंत में श्रीरामचरित मानस व बाबा थानीदास की आरती के साथ प्रसाद वितरण हुआ । इस दौरान रविशंकर चौरसिया, अरविंद सिंह, सुरेश सिंह, मिठाई लाल, रमेश सिंह, रामाश्रय आदि उपस्थित रहे।