दोहरीघाट। शारदीय नवरात्र पर अंतरराष्ट्रीय मातेश्वरी महाधाम में चल रहे अखंड महायज्ञ के आठवें दिन सद्गुरु महाराज ने कहा कि मनुष्य का मन चंचल होता है जो कभी भी एकाग्र नहीं रहता। जिसके कारण मनुष्य की अपनी इंद्रियों पर काबू नहीं होता। लेकिन जो व्यक्ति अपनी इंद्रियों पर काबू पा लेता है असल में वही सच्ची विजय होती है। दूर दराज क्षेत्रों से आने वाले मातृभक्तों के कारण चहुंओर मेला जैसा दृश्य हो गया है। सुबह शाम हवन कुंड की स्वाहा स्वाहा की मधुर स्वर और उससे उठने वाली सुगंधित धुआं से पूरा वातावरण शुद्ध बना हुआ है। ब्यूरो