मऊ। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा जनपद में फोरलेन के निर्माण के लिए ली गई भूमि के हिस्सेदारों का निस्तारण घोसी और सदर तहसील मुख्यालय पर होगा। इसके लिए पहली अगस्त से 11 अगस्त तक की तिथियां नियत की गई हैं। इन तिथियों को नियत गांवों के किसानों को अपने खेतों की खतौनी , आधार , हिस्सा प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक और दो पासपोर्ट साइज फोटो के साथ आना होगा। फोरलेेन के अभियंता मोहन सिंह ने बताया है कि जिले में फोरलेन के निर्माण के लिए जिन किसानों की भूमि अधिगृहीत की गई है। उन्हें मुआवजा देने की अंतिम प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसके लिए संबंधित गांवों के किसानों को अपने कागजात के साथ संबंधित तहसील मुख्यालय आना होगा। उन्होंने बताया कि घोसी तहसील के ग्राम-हाजीपुर और कल्यानपुर के किसानों को पहली अगस्त को और ग्राम-हडहुआ, चकफैजुल्लाह और सलेमपुर के किसानों को दो अगस्त को घोसी तहसील पर आना है। जबकि तिलई खुर्द, तिलई बुजुर्ग और मदापुर समसपुर में पांच अगस्त को ,सोनाडीह, पकडी बुजुर्ग, धरौली में आठ अगस्त को गौरी शाहपुर जमालपुर मिर्जापुर के किसानों को नौ अगस्त तथा कस्बा खास और टडियांव गांव में 11 अगस्त को घोसी तहसील पर आकर किसानों को अपने हिस्से प्रमाणित कराना है। जबकि काछीकला, हिकमा और मुरारपुर के किसान तीन अगस्त को, भदसा मानोपुर, ढेकबारा के किसान चार अगस्त को ,रेवरीडीह के किसान 10 अगस्त को सदर तहसील पर अपने कागजातों के साथ आना चाहिए।अभियंता ने बताया कि तहसीलों पर हलके के लेखपाल और कानूनगो उपस्थित रहेंगे। घोसी तहसील के राजस्व कर्मियों द्वारा बैठकें की जायेगी। उन्होंने कहा है कि किसानों को अपने साथ वर्तमान खतौनी, तहसीलदार द्वारा प्रमाणित हिस्सा प्रमाण पत्र, शपथ पत्र, दो पासपोर्ट साईज फोटो, दो रसीदी टिकट, स्पष्ट आईएफएससी छपे बैंक पासबुक की छाया प्रति आधार कार्ड की छाया प्रति, फोटो पहचान पत्र के सऱथ नियत तिथियां को अपने तहसील पर आने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा है कि किसानों को मुआवजा देने के लिए पर्याप्त धन है। हिस्सा प्रमाणित होने के बाद सदर तहसील से आरटीजीएस सिस्टम से किसानों के बैंक खातों में मुआवजे की रकम भेज दी जाएगी।