मऊ। विकास भवन के सभागार में जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु की अध्यक्षता में जिले में पशु आश्रय स्थल के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गोवंश संरक्षण को लेकर सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें, किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर कठोर से कठोर कार्यवाही की जायेगी। कहा कि गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण/स्थापना तथा संचलान का कार्य जिस स्तर पर किया जा रहा है, वहॉ पर एक पृथक खाता आश्रय स्थल, स्थलों पर पशुओं के नैत्यिक भरण-पोषण/संचालन हेतु खाता खोला जाए। यह खाता ग्रामीण एवं शहरी निकायों में संचालित नियमित खातों से पृथक खाता होगा इन खातो में यथा मॉग के अनुसार जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति द्वारा धनराशि का अंतरण किया जायेगा। इस खाते का संचालन जिला स्तर पर जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के संयुक्त स्तर के साथ तहसील स्तर पर एसडीएम तथा उपलब्ध पशु चिकित्साधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा। जबकि क्षेत्र पंचायत स्तर पर खंड विकास अधिकारी तथा पशु चिकित्साधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से तो ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित किया जायेगा। कहा कि नगर पंचायत, नगर पालिका स्तर पर अधिशासी अधिकारी तथा पशु चिकित्साधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाएगा। डीएम ने सभी अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि प्रत्येक केंद्र पर संरक्षित गोवंश के विवरण हेतु अनिवार्य रूप से एक पंजिका बनायी जाए। जिसमें प्रतिदिन तथा क्रमिक संरक्षित पशुओं की संख्या का विवरण रखा जाये। जिसका भौतिक सत्यापन पंचायती राज विभाग, राजस्व विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पशु पालन विभाग, पुलिस विभाग आदि संबंधित विभाग के कर्मियों द्वारा प्रतिदिन भौतिक सत्यापन कराया जाये। डीएम ने गोपंश संरक्षण से संबंधित कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। कहा कि इसके बाद भी अगर इसमें लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को पत्र लिखा जाएगा। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, परियोजना निदेशक, नगर मजिस्ट्रेट, पशु चिकित्साधिकारी, उपजिलाधिकारी आदि मौजूद रहे।