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छुट्टा जानवरों से किसानों की फसलें हो रही बरबाद

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मऊ। सरकार के दावों के बावजूद किसानों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इन दिनों छुट्टा पशु किसानों की फसल के लिए मुसीबत बने हुए हैं। शिकायत के बाद भी शासन-प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी छुट्टा जानवरों पर अंकुश लगाने में अक्षम साबित हो रहे हैं। क्षेत्र के रतनपुरा ,गाढा, मुस्तफाबाद,सिधवल, पीपरसाथ ,इटैली और मुबारकपुर सहित सभी गांवों में झुंडों में छुट्टा पशु किसानों के खेतों में घुसकर गेहूं, मटर ,चना ,सरसों, अरहर के खेत में फसल को चरकर पूरी तरह से साफ कर दे रहे हैं। नजदीक जाने पर ये पशु हमलावर हो जा रहे हैं और किसानों को ही घायल कर दे रहे हैं। सरकार ने इन जानवरों के लिए आश्रय स्थल बनाने की घोषणा जरूर कर रखी है लेकिन इस पर अभी अमल नहीं हो रहा है। किसानों का कहना है कि बोई गई फसलों को ये जानवर कुछ ही दिनों में चरकर साफ कर दे रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्र के संतोष कुमार, नरसिंह सिंह ,अशोक यादव और परमा यादव का कहना है कि सरकार को चाहिए कि इन पशुओं से किसानों की फसल को बचाए जाने के ठोस विकल्प की तलाश करे। क्योंकि मंहगी जुताई , खाद ,बीज सिंचाई और कीटनाशकों के प्रयोग के बाद तो फसल की सुरक्षा हो पाती है। इस बाबत मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. भगवान सिंह का कहना है कि जल्दी ही इन छुट्टा जानवरों से किसानों को निजात मिल सकती है। पशु आश्रय स्थलों के निर्माण पर तेजी से काम चल रहा है।
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