क्षेत्र के कमलसागर स्थित ज्ञानोदय संस्कृत महाविद्यालय के प्रांगण में रविवार को श्रावणी पर्व को संस्कृत दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. विद्याभूषण मिश्र ने कहा कि यह पर्व संस्कृत के उत्थान के लिए मनाया जाता है। इस भाषा को जीवंत बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष1969 में ही शिक्षण संस्थाओं में इस पर्व को संस्कृत दिवस के रुप में मनाने की व्यवस्था लागू की । कहा कि संस्कृत दिवस मना लेने से हमारी जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती है। इसके व्यापक प्रचार प्रसार की महती आवश्यकता है। जिससे इस भाषा के साथ ही भारतीय संस्कृति को अक्षुण्ण रखा जा सके। इस अवसर पर दिव्या पांडेय, बापूनंदन मिश्र, सुबाष यादव, सुमेधा पांडेय आदि उपस्थित रहे।