मऊ। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के 469 बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला मिल सकेगा। पहले चरण की लॉटरी में इन बच्चों को विद्यालय आवंटित कर दिए गए हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए 814 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसमें सत्यापन के दौरान 273 आवेदन पत्र विभिन्न कारणों से निरस्त कर दिए गए। जबकि 72 आवेदन पत्र आवेदन योग्य ही नहीं पाए गए। आरटीई के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में निर्धारित सीटों पर कक्षा एक और पूर्व प्राथमिक कक्षा में प्रवेश दिया जाता है। इस योजना का लाभ लेने के लिए तीन चरणों की समय सारिणी जारी की गई थी। पहले चरण की आवेदन प्रक्रिया दो मार्च को शुरू हुई थी। अंतिम तिथि 25 मार्च तक 814 आवेदन आए थे। सत्यापन की प्रक्रिया 28 मार्च तक चली। अधिकारियों की मानें तो नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आए आनलाइन आवेदन का सत्यापन कराया गया, जिसमें 273 आवेदन पत्रों को निरस्त कर दिया गया था। आनलाइन कराई गई लॉटरी में 469 बच्चों को विद्यालय आवंटित कर दिए गए हैं, जिन्हें आवंटित विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए प्रक्रिया चल रही है। आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिले के लिए दूसरा चरण 23 अप्रैल तक चलेगा। जो बच्चे वंचित रह गए हैं, वे अगले चरण में आवेदन कर सकेंगे। सत्यापन 26 अप्रैल तक और लॉटरी 28 अप्रैल को निकाली जाएगी। इसके बाद तीसरे चरण की प्रक्रिया शुरू होगी। तीसरे चरण के आवेदन 2 मई से 10 जून तक होंगे। सत्यापन 13 जून तक और लॉटरी 15 जून को निकलेगी। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरटीई के तहत होने वाले नि:शुल्क प्रवेश की पहले चरण की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। लॉटरी के माध्यम स्कूलों 469 बच्चों को स्कूलों का आवंटन कर दिया गया है। दूसरे चरण में ऑनलाइन फार्म भरे जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।