मऊ। प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय से विचार विमर्श करने के उपरांत प्रदेश के सभी दीवानी कचहरी में महिलाओं के मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए अलग न्यायिक मजिस्ट्रेट फास्ट ट्रैक कोर्ट महिलाओं से संबंधित अपराध न्यायालय का गठन कर महिलाओं से संबंधित मामलों के त्वरित निस्तारण का प्रयास किया। महिलाओं के साथ अगर कोई अपराध हो रहा है तो अपराधी के विरुद्ध त्वरित कार्यवाही की जा रही है। यही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरी बार शपथ लेने के साथही 100 दिन के कार्यों का टारगेट बनाकर वर्षों से न्यायालयो मे लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर दिया गया है। जिसके लिए गवाहों को संमन भेजकर साक्ष्य के लिए कोर्ट में उपस्थित होकर गवाही पूर्ण कराए जाने पर अभियोजक पक्ष जोर दे रहा है। जिसका परिणाम देखने को मिल रहा है। महिलाओं के मामलों का त्वरित निस्तारण के लिए गठित न्यायिक मजिस्ट्रेट फास्ट ट्रैक कोर्ट महिलाओं से संबंधित अपराध न्यायालय के पीठासीन अधिकारी संतोष कुमार वर्मा ने लगभग 14 माह महिलाओं से संबंधित 413 मामलों का निस्तारण कर उच्च न्यायालय और प्रदेश सरकार की पहल को कायम रखा। न्यायिक मजिस्ट्रेट फास्ट ट्रैक महिला अपराध संतोष कुमार वर्मा ने एक अप्रैल 2021 से 20 मई 2022 तक न्यायालय में विचाराधीन 4199 मामलों में 413 मामलों का निस्तारण कर रिकॉर्ड कायम किया है।