रानीपुर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय दौलसेपुर का निरीक्षण किया। निरीक्षण में शैक्षिक गुणवत्ता दयनीय मिलने पर शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वयं सभी कक्षाओं में शिक्षण कार्य करते हुए बच्चों के शैक्षिक गुणवत्ता की जांच किया।आठवीं कक्षा में बच्चों के संस्कृत ज्ञान का आकलन करने पर पाया कि बच्चों द्वारा केवल शब्दों को रखा गया है। संस्कृत पढ़ाने वाली शिक्षिका शशिकला पाठक को एक महीने के अंतर्गत बच्चों के अधिगम स्तर में सुधार लाने की चेतावनी दी। कक्षा सात के बच्चों को विज्ञान के परिवेश ज्ञान को परखा गया। जिसमें बच्चों द्वारा उत्सुकता से जवाब दिया। कक्षा छह के बच्चों को अंग्रेजी के सामान्य शिष्टाचार को परखा गया। बच्चों में अपेक्षित क्षमता का अभाव दिखा। बीएसए ने सभी शिक्षकों को बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उनको उनके परिवेश से जोड़कर शिक्षित करने का निर्देश दिया।उच्च प्राथमिक विद्यालय चिरैयाकोट द्वितीय का निरीक्षण किया। बीएसए ने विभिन्न कक्षाओं में शिक्षकों के शिक्षण कौशल को परखा। कक्षा पांच के बच्चों द्वारा प्रतिशत का सवाल ठीक से हल न करने पर बीएसए द्वारा स्वयं बच्चों को प्रतिशत में बदलना सिखाया। संबंधित कक्षा अध्यापक को गणित को व्यवहारिक रूप से पढ़ाने का निर्देश दिया। शेष कक्षाओं में बच्चों का स्तर सामान्य से कम था जिस पर बीएसए द्वारा प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षकों को 1 महीने के अंतर्गत शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने का निर्देश दिया। वहीं, अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक विद्यालय तेंदुली का निरीक्षण किया। निरीक्षण में कक्षा 4 के बच्चों द्वारा बहुत ही सुंदर ढंग से गणित तथा भूगोल के प्रश्नों का सटीक उत्तर दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि एक महीने के अंदर शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।