मऊ। महावीर जी सेवा समिति के तत्वावधान में नगर के भीटी में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन अयोध्या से पधारे मणिराम दास ने कहा कि कलियुग में ज्ञान और वैराग्य वृद्ध हो जाते हैं। मोह माया प्रबल हो जाती है। जीवन की व्यथा को जो दूर करे ही वही कथा होती है। सबसे अधिक महत्व भक्ति का होता है। शास्त्र सभी समस्याओं की चाभी होती है। भागवत कथा से ही प्रेत मुक्ति होती है। बहुत से अलग-अलग धर्मो तथा संप्रदायों के अनुयायी इसको तनिक भी नहीं हिला सके। कहा कि मनोवांछित फल, ग्रहजनित रोग, दोष से मुक्ति मिल जाती है। भोलेनाथ अपने नाम के अनुरूप बहुत भोले हैं। एक लोटा जल से प्रसन्न होकर अपने भक्तों के कष्ट हर लेते हैं।