डेंगू मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले में कोविड अस्पताल को डेडीकेट डेंगू अस्पताल में बदल दिया गया है। अस्पताल में कोविड की तरह ही डेंगू मरीजों के इलाज के लिए सभी व्यवस्था होगी। अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 30 बेड रिजर्व किया गया है। तीन शिफ्ट में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
जिले से अब तक 16 डेगू मरीज मिलने की स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है। जिले में बने कोविड हास्पिटल को डेंगू अस्पताल में बदल दिया गया है। परदहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को डेंगू हास्पिटल में बदल दिया गया है। यहां के 30 बेड को डेंगू मरीजों के लिए रिजर्व कर दिया गया है। तीन शिफ्ट में चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती होगी। शिफ्ट में एक चिकित्सक, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय, स्वीपर की ड्यूटी लगेगी।
नोडल अधिकारी डॉ. आरएन सिंह को नामित किया गया है। पर्याप्त मात्रा में दवाएं, ओआरएस तथा आईवी फ्लूड उपलब्ध होगा। डेंगू अस्पताल को जिलास्तरीय ब्लड बैंक और जांच लैब से जोड़ा जाएगा ताकि भर्ती मरीजों की डेंगू की जांच आसानी से हो सके। जरूरत पड़ने पर प्लेटलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। लोगों की सुविधा के लिए ब्लड बैंक और लैब के नंबर भी अस्पताल में प्रमुखता से डिस्प्ले किया जाएगा।
कंट्रोल रूम और 108 एंबुलेंस सेवा का प्रयोग
मऊ। डेंगू मरीजों को अस्पताल पहुंचने में कोई कठिनाई न हो, इसके लिए 108 एंबुलेंस सेवा का प्रयोग किया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए विकास भवन में कंट्रोल रुम बनाया गया है। कंट्रोल रुम का मोबाइल नंबर 9454417991 क्रियाशील रहेगा। कंट्रोल रूम पर अस्पताल में उपलब्ध डेंगू रोगियों के लिए आरक्षित बेड की उपलब्धता का चार्ट भी रहेगा। इस चार्ट को प्रतिदिन दो बार अपडेट किया जाएगा। बुखार और डेंगू रोगी अपनी सुविधा से किसी भी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं। डेडीकेटेड अस्पतालों में डेंगू व अन्य संचारी रोगों के रोगियों का प्राथमिकता के आधार पर इलाज मिलेगा।
बंद पड़ी एलाइजा जांच मशीन को कराया दुरुस्त :
जिले में डेंगू का ग्राफ बढ़ने के बाद भी जिला अस्पताल की खराब एलाइजा जांच मशीन को ठीक नहीं कराया गया था। लेकिन शासन द्वारा इस मामले में आला अधिकारियों के निरीक्षण की जानकारी पर स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार की देर शाम तक खराब पड़ी मशीन को दुरस्त करा दिया। वर्तमान में मशीन खराब होने से संदिग्ध मरीजों का सैंपल लेकर जांच को आजमगढ़ जिला अस्पताल भेजा जा रहा था। सीएमओ डॉ. नरेश अग्रवाल ने बताया कि एलाइजा जांच मशीन को दुरुस्त कर दिया गया है।
दो मुहल्लों में मौत की जांच करने पहुंची टीम:
नगर के मठियाटोला, पठानटोला में मिले डेंगू मरीज और इस दौरान हुई दस से ज्यादा लोगों की मौत के बाद भी जांच और उपचार को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर घोसी सांसद प्रतिनिधि गोपाल राय ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की थी। इस मामले को शासन ने गंभीरता से लेते हुए दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच के लिए जिला मुख्यालय पर भेजा है। टीम ने इस दौरान जांच प्रक्रिया, मृतक मरीजों के परिजनों से बातचीत कर मौत का कारण जानने में जुटी थी।
परदहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को डेेंगू हॉस्पिटल बना दिया गया है। अस्पताल में कोविड की तरह ही डेंगू मरीजों के इलाज के लिए सभी व्यवस्था होगी। अस्पताल में डेगूं मरीजों के लिए 30 बेड रिजर्व किया गया है। तीन शिफ्ट में चिकित्सकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की जाएगी। - डॉ. नरेश अग्रवाल, सीएमओ