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56 निजी स्कूलों में 285 गरीब बच्चों को मिला आनलाइन प्रवेश:

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मऊ। आरटीई के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में ऑन लाइन एडमिशन की प्रक्रिया शुरू की गई है। विभाग की तरफ से प्रथम चरण में लाटरी सिस्टम से 56 निजी स्कूलों में 285 बच्चों को ऑन लाइन प्रवेश दिया गया है। निजी स्कूलों में सूची भेज दी गई है। अब द्वितीय चरण में प्रवेश दिलाने की कवायद चल रही है। जिले में 542 निजी स्कूल हैं। निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए प्रवेश पाना सपना सरीखा होता है। इसके मद्देनजर शासन की तरफ से प्रत्येक निजी विद्यालयों में गरीब बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटों का प्रावधान किया गया है। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर स्कूल बंद चल रहे हैं। लेकिन गरीब बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाने की कवायद तेज हो गई है। प्रथम चरण के तहत गरीब बच्चों से आवेदन मांगे गए थे। विभाग के पास 439 आवेदन आए थे। सत्यापन के बाद 45 आवेदन निरस्त कर दिए गए। 394 आवेदन सही पाए गए। लाटरी सिस्टम के तहत विकल्प के आधार पर 285 बच्चों को 56 स्कूलों में आनलाइन प्रवेश दिया गया। विभाग की तरफ से सूची संबंधित स्कूलों को उपलब्ध करा दी गई है। स्कूल बंद होने के दौरान अभिभावक आवंटित विद्यालयों से एडमिशन को लेकर लिखापढ़ी कर रहे हैं, लेकिन स्पष्ट रुप से नहीं बता रहे हैं। इसको लेकर विभागीय अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। इस बाबत जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता बृजबिहारी पांडेय का कहना था कि प्रथम चरण में 56 निजी स्कूलों में 285 गरीब बच्चों को आनलाइन प्रवेश दिया गया है। विद्यालयों को सूची उपलब्ध करा दी गई है। कालेजों के प्रधानाचार्यो से रिपोर्ट मांगी गई है।
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