मऊ। जिले की सबसे व्यस्त मुहम्मदाबाद गोहना से चिरैयाकोट होते हुए वाराणसी जाने वाले रूट पर 26 से अधिक निजी बसें चलती हैं, लेकिन एक भी रोडवेज बस नहीं चलती है। वहीं परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस रूट पर रोडवेज बसों को सवारियां नहीं मिलती। वहीं निजी बसों का आलम यह है कि हर 10 मिनट पर एक निजी बस चलती है। इस रूट पर परिवहन निगम ने कभी सर्वे भी नहीं किया है। मऊ डिपो की एक अनुबंधित बस सुबह सात बजे रानीपुर होते हुए चिरैयाकोट जाती है फिर शाम को उसी रास्ते लौटती है। लेकिन इस रूट पर इस बस के संचालन का कोई महत्व नहीं है। इतनी सुबह ग्रामीण क्षेत्र में जाने के लिए सवारियां नहीं मिलती हैं। यदि ये बस सुबह सात बजे चिरैयाकोट से रानीपुर होते हुए मुख्यालय पर आती तो बस पूरी तरह भरी होती। क्योंकि जिला मुख्यालय और कचहरी आने वालों के ये बस मुख्य साधन हो जाता। फिर शाम को इसी बस से सभी वापस लौट जाते। सवाल ये है कि परिवहन निगम के अधिकारी निजी बस संचालकों को मुनाफा पहुंचाने के लिए बस की ये समय सारिणी निर्धारित कर रखे हैं। वहीं अधिकारियों का दावा है कि मुहम्मदाबाद गोहना चिरैयाकोट मार्ग प्राइवेट रूट है इसी कारण अब तक इस रूट पर कभी सर्वे नहीं हुआ है। सुबह छह बजे से दोपहर तीन बजे तक हर 10 मिनट में एक बस बनारस के लिए मिलती है। जो जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से होकर चलती हैं। ये बसे मुहम्मदाबाद गोहना, चिरैयाकोट, खरिहानी, परमानपुर, मेहनाजपुर, सिधौना, कैथी होते हुए बनारस पहुंचती हैं। ये रूट जिले के ग्रामीण रूटों में सबसे अधिक व्यस्त रूट है।
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मोहम्मदाबाद गोहना चिरैयाकोट मार्ग निजी मार्ग है। इसके चलते कभी सर्वे नहीं हुआ होगा। फिलहाल मऊ डिपो की अनुबंधित बस सुबह सात बजे रानीपुर होते हुए चिरैयाकोट जाती है।
- हरिशंकर पांडेय, एआरएम, मऊ