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आरटीआई कार्यकर्ताओं ने निकाला विरोध जुलूस

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मऊ। सूचना का अधिकार कानून की 13 वीं वर्षगांठ पर शुक्रवार को सूचना अधिकार कार्यकर्ताओं ने गाजीपुर तिराहे से कलेक्ट्र्रेट तक प्रतिवाद मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी आरटीआई कार्यकर्ताओं का आरोप था कि केंद्र सरकार सूचना के अधिकार कानून में संशोधन करके उसे कमजोर कर रही है। लोगों ने राष्ट्रपति को संबोधित सात सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। इस अवसर पर सूचना अधिकार कानून से सरकारें डरती है, इस लिए इस कानून को कमजोर कर रही है। सूचना अधिकार कानून संशोधन विधेयक 2018 रद्द करो,निर्वाचित जनप्रतिनिधि मालिक नहीं,ये जनता के सेवक है,सरकारी अफसर,कर्मचारी मालिक नही ये जनता के नौकर है,हमारा रुपया,हमारा हिसाब, हम जानेगें हम हिसाब लेगें,सूचना अधिकार कानून को मजबूत करो आदि नारे लगा रहे थे। सूचना अधिकार कार्यकर्ताओं ने गाजीपुर तिराहे से कलेक्ट्रेट तक प्रतिवाद मार्च निकाला ।प्रतिवाद सभा को संम्बोधित करते हुए अरविंद मूर्ति ने कहा कि सूचना का अधिकार कानून विश्व के बेहतरीन कानूनों में से एक है,सरकारें सूचना अधिकार कानून से डरती हैं।इसलिए इसे प्रभावी और मजबूत बनाने की बजाए चोर दरवाजे से बिना पूर्व विधायी परामर्श नीति का पालन किये केंद्र सरकार संशोधन विधेयक ला रही है।आयोग का संवैधानिक दर्जा और स्वायत्तता खत्म करते हुए लोक कार्मिक विभाग के अधीन करना चाह रही है। कहा कि जस्टिस कृष्णा समिति की सिफारिश में धारा 8(छ्व)को भी हटाना चाहती है। कहा कि अगर यह संशोधन पारित हो गया तो सूचना कानून अपाहिज हो जायेगा। हम लोग इस संशोधन को रद्द करायेगें। उदयप्रताप राय ने कहा कि किसी भी कानून मे संशोधन के लिए जो विधेयक सरकार लाती है।उसे संम्बधित मंत्रालय या डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाता है। कृष्णमोहन मल्लन ने कहा कि यह संशोधन विधेयक 5 अप्रैल 018 को तैयार कर लिया गया था,लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया ।जब लोक सभा के मानसून सत्र में कार्यदिवसों की सूची जारी की गयी तो लोगों को पता चला और विधेयक के विरोध में देश व्यापी प्रतिरोध के चलते मानसून सत्र में पेश नहीं किया गया। सभा को विनय कुमार राजभर , कैलाश सिंह ,प्रेमचन्द्र कौशल , जगनाथ सिंह, अल्तमश अंसारी, गुलाबचंद्र ,सोमनाथ कश्यप ,रूआब खान, अभिनव, शिवमूरत गुप्ता, गुडडू,रवीन्द्र कुमार , हरिवंश,कैलाश सिंह, फादर आर.के.मसीह, बंसत कुमार,रणजीत मल्ल,अल्तमश अंसारी, सन्तोष मौर्या,अखिलेश यादव,सुकुल,गिरजाशंकर,राधाकृष्ण,.दयाशंकर सिंह,शामिल रहे। प्रतिवाद मार्च का संयोजन इंकलाबी कामगार यूनियन, सूचना अधिकार अभियान उप्र, मूवमेन्ट फार राइट्स उ.प्र. ने किया। सुभाष यादव
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