मऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में गुरुवार को तहसील सदर के प्रांगण में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया। इसमें उपस्थित लोगों को सुलह समझौता एवं मध्यस्थता केंद्र, लोक अदालत और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार और कर्तव्यों के बाबत जानकारी दी गई। प्राधिकरण के सचिव शिवकुमार ने राष्ट्रीय लोक अदालत तथा मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केंद्र के बाबत जानकारी देते हुए बताया कि लोक अदालतों के माध्यम से मुकदमों का निस्तारण होने के बाद वह अंतिम फैसला होता है। उसकी न तो अपील होती है न ही उसका रिविजन। आगे कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से सुलह समझौता के आधार पर मुकदमों का निस्तारण होने से आपसी कटुता भी समाप्त हो जाती है। इसमें न तो किसी की हार होती है न ही किसी की जीत। इससे आपसी सामंजस्य भी बना रहता है। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों के बाबत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगर कोई अधिवक्ता रखकर अपने मामले की पैरवी कराने में सक्षम नहीं है तो प्राधिकरण के माध्यम से उसे सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। इस दौरान उन्होंने ने विभिन्न विषयों पर लोगों को विधिक जानकारी दी। इस मौके पर एसडीएम सदर डॉ. अंकुर लाठर, तहसीलदार मिथिलेश त्रिपाठी, नायब तहसीलदार सर्वेश सिंह, राजस्व निरीक्षक विजेंद्र सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।