जिले के मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों तथा प्रधानाचार्यों का डेटा विभाग के वेबसाइट पर अपलोड करने में कालेज उदासीन हैं। शासन की तरफ से 20 जून तक डेटा अपलोड करने का फरमान जारी हुआ था। जबकि अभी तक 500 स्कूलों के सापेक्ष केवल 150 विद्यालयों ने ही डेटा अपलोड किया है। एक हफ्ते के अंदर डेटा उपलब्ध न होने पर डीआईओएस ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिले में 500 मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। बोर्ड परीक्षा तथा मूल्यांकन कार्य में पारदर्शी व्यवस्था के लिए मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों तथा प्रधानाचार्यों का विवरण आनलाइन करने की व्यवस्था की गई है। शासन की तरफ से मई में मान्यता प्राप्त कालेजों में कार्यरत अंशकालिक शिक्षकों तथा प्रधानाचार्यों की शैक्षिक योग्यता, नियुक्ति तिथि, आधार कार्ड आदि डेटा को विभाग की वेेबसाइट पर अपलोड करने का फरमान जारी हुआ था। विभाग ने 20 जून तक समय सीमा तय की थी, लेकिन अभी तक मात्र 150 विद्यालयों से ही डेटा अपलोड हो पाया है। कालेज संचालक डेटा आनलाइन करने में आनाकानी कर रहे हैं। जबकि कालेजों में कार्यरत शिक्षक डेटा अपलोड करने के पक्ष में हैं। अब डीआईओएस ने सख्त रुख अपनाया है। तीन जुलाई तक डेटा अपलोड न करने की स्थिति में कालेज संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का चेतावनी पत्र जारी कर दिया है। इस बाबत नोडल अधिकारी तथा जिला समन्वयक माध्यमिक शिक्षा अभियान चंद्रपकाश श्रीवास्तव का कहना है कि मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्य तीन जुलाई तक प्रत्येक दशा में डेटा अपलोड कर हार्ड कापी कार्यालय में जमा कराएं। अन्यथा मान्यता खत्म करने के लिए संस्तुति की जाएगी।