मऊ। गोवर्धन पूजा और भइया दूज का पर्व हर्षोल्लास पूर्वक वातावरण में मनाया गया। शनिवार को भाई की मंगल कामना को लेकर बहनों ने व्रत रखा और भगवान गणपति की पूजा की। भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर बहनों ने उनके लंबी उम्र की मंगल कामना की। अधिकांश भाइयों ने अपनी बहनों को उपहार भी दिया। भइया दूज का पर्व भाइयों और बहनों के लिए सद्भावना बढ़ाने का दिन भी कहा जाता है। दीपावली के पर्व के बाद से ही बहनें इस पर्व की तैयारी मे जुट गई थीं। शनिवार की सुबह ही बहनें स्नान कर निर्जला व्रत का संकल्प लिया और भगवान गणेश का पूूजन अर्चन कर भाइयों के लंबी उम्र की कामना भी की। साथ ही उनके आजीवन स्वस्थ रहने की प्रार्थना किया। भाइयों ने भी उनके रक्षा का संकल्प किया। इस दौरान अपूर्व उत्साह देखा गया। भाई को माथे पर टीका लगाकर आरती भी उतारी और उनका मुंह भी मीठा कराया। किवदंती के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजभूमि के लोगों से गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए कहा था। भगवान इंद्र ने किसी बात से क्रुद्घ होकर ब्रजवासियों पर कहर ढाना शुरू कर दिया था, तभी भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर रक्षा की थी। तभी से गोवर्धन पूजा शुरू हो गई। इसी मान्यता के तहत नगर के भीटी, सहादतपुरा, मुंशीपुरा, ब्राह्मणटोला सहित दर्जनों मुहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने विधि विधान पूर्वक गोवर्धन पूजा की। साथ ही विभिन्न प्रकार के पकवान भी तैयार किया। मझवारा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में गोवर्धन पूजा और भैया दूज का पर्व श्रद्घापूर्ण ढंग से मनाया गया। बहनों ने व्रत रख कर भाइयों के लंबी उम्र की कामना की। इस अवसर पर अच्छे अच्छे पकवान बनाए गए। इस अवसर पर भाइयों ने छोटी बहनों को उपहार भी दिए। पर्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह भी देखा गया। भैया दूज को मनाने के लिए घरों में साफ सफाई कर के गाय के गोबर से घर के फर्श की पुताई की गई। बहनों ने व्रत रखा, पूरे दिन निर्जला व्रत रखने के बाद देर शाम भाइयों को भोजन कराने के बाद पारण किया। पिपरीडीह संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न गांवो में गोवर्धन पूजा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पिपरीडीह,भार, रैकवार डीह,भार,सुअराबोझ,पिपरी खरगजेपुर सहित दर्जनों गांवों में महिलाओं ने गोलाकार आकृति बनाकर कथा सुनी और विधि विधान से गोवर्धन पूजा की। सरसेना संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न इलाकों मेें गोवर्धन पूजा और भइया दूज का पर्व हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया।