मऊ। प्रशिक्षण सत्र बीतने को है, लेकिन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में अनुदेशकों का 19 पद रिक्त चल रहे हैं। हालत यह है कि 26 अनुदेशकों की जगह महज सात अनुदेशकों की ही तैनाती है। एक अनुदेशक पर दो-दो ट्रेड की जिम्मेदारी है। वहीं अनुदेशकों की कमी के कारण प्रशिक्षुओं को भविष्य की चिंता सता रही है। आला अधिकारी अनुदेशकों के चयन प्रक्रिया शासन स्तर का मामला बताकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं।
जिले के युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए मऊ शहर के सहादतपुरा स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में इलेट्रिशियन, फीटर, इलेक्ट्रिक पावर डिस्ट्रीब्यूशन, फैशन डिजाइनिंग, स्टेनों हिंदी, ड्राफ्टमैन और सिविल सहित 13 ट्रेडों में ट्रेनिंग दी जाती है। यहां 380 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नियम के तहत हर ट्रेड में दो-दो अनुदेशकों की तैनाती होनी चाहिए। लेकिन लंबे समय से अनुदेशकों का पद रिक्त हैं। अनुदेशकों की कमी से प्रशिक्षुओं की ट्रेनिंग प्रभावित होती है। अन्य ट्रेड के अनुदेशकों के सहारे किसी तरह प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे प्रशिक्षुओं और अनुदेशकों दोनों को ही परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रशिक्षण सत्र बीतने में दो माह ही शेष हैं, लेकिन अनुदेशकों की तैनाती नहीं हो सकी है। एक अनुदेशक पर दो ट्रेड की जिम्मेदारी । प्रशिक्षु कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं, उन्हें भय है कि बोलने पर कहीं बेवजह निशाना न बनाया जाए।