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दुराचार में सहयोगी दो की जमानत खारिज

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मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक वीरनायक सिंह ने मदरसा में पढ़ रही नाबालिग लड़की के साथ दुराचार करने के मामले में आरोपी प्रबंधक के भाई और हॉस्टल की दाई की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। एडीजे ने यह आदेश बचाव पक्ष और विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया। मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वादिनी मुकदमा की नाबालिक लड़की घोसी कोतवाली क्षेत्र के मदरसा शमसुल ओलूम में पढ़ती थी और वही हॉस्टल में रहती थी। वादिनी का कथन है कि चार अगस्त 2018 की रात्रि में हॉस्टल की दाई बदरूनिशा उसकी लड़की को पेशाब करने के बहाने बुलाकर रसोई वाले कमरे में बंद कर दी। आरोप है कि इस दौरान प्रबंधक का भाई मोहम्मद कासिम उर्फ बाबूभाई पुत्र अब्दुल हमीद ने उसके साथ दुराचार किया। मामले में आरोपी करीमुद्दीनपुर निवासी मोहम्मद कासिम उर्फ बाबू भाई पुत्र अब्दुल हमीद और बिहार प्रांत के बक्सर जनपद के चौसा थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासिनी दाई बदरूनिशा पत्नी सूबेदार की ओर से अलग-अलग जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
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