बहन और भाई के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन के अवसर पर जिला जेल में बंद अपने भाइयों से मिलने के लिए सुबह ही बहनें जिला जेल पहुंच गई और उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। इस दौरान बहनों का प्रेम देख जेल में बंद कैदियों की आखें भर आई। इस दौरान भावुक हो गए भाइयों की आंखों में आंसू देख भाई भी अपने को नहीं रोक सके। कुछ बहनें तेज-तेज रोने लगी। जिसके बाद कैदियों ने अपने बहनों को ढाढस बढ़ाया और जल्द ही जेल से बाहर आ जाने का आश्वासन दिया। सुबह से भाई से मुलाकात करने के लिए बहनों ने नंबर लगाना शुरू कर दिया। घंटों इंतजार के बाद उनका नंबर आया तो उन्होंने जेल के अंदर भाईयों को टीका किया और राखी बांधी। करीब 200 से अधिक बहनों ने अपने भाइयों से मुलाकात की। इसके लिए जेल प्रशासन की तरफ से बेहतर व्यवस्था की गई थी।