सूरजपुर (मऊ)। बैंकों में नकदी संकट कम नहीं हो रहा है। सबसे ज्यादा समस्या ग्रामीण क्षेत्र की बैंक शाखाओं में है। यहां तीन से चार घंटे कतार में खड़े होने के बाद भी भुगतान नहीं मिल पा रहा, तो कुछ बैंक अधिकारी जरूरतमंदों को दो से चार हजार रुपये भुगतान देकर जैसे-तैसे संतुष्ट कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल कस्बे के यूनीयन बैंक में दिखा। यहां से जुड़े उपभोक्ताओं को कैश किल्लत की समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। इन दिनों कस्बे के सूरजपुर के चकउथ चौक स्थित यूनियन बैक ऑंफ इंडिया बैंक में नोटबंदी जैसे हालत उत्पन्न हो गए हैं। कारण अधिकारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) से बैंक को नोट न मिलने का हवाला दे रहे हैं। फिलहाल बैंक में जमा किए गए रुपये से भुगतान किया जा रहा है। यह समस्या क्षेत्र में पखवारे से बनी हुई है। बैंक में नकदी संकट होने से आए दिन नो-कैश का बोर्ड बैंक पर लगा दिया जाता है, जिससे दूर-दराज से चलकर बैंक तक आने वाले उपभोक्ताओं को मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है। उपभोक्ता रविभूषण त्रिपाठी, बृजेश राय, अंकित राय, नागेन्द्र तिवारी, डब्बू तिवारी, रामबली यादव, सत्यम साहनी, हरेंद्र सिंह, हरीश राय, राजू गुप्ता, उमेश गुप्ता ने बताया कि कई दिनों से उपभोक्ताओं को मांग के अनुसार नकदी राशि नहीं दी जा रही है। मांग के अनुसार भुगतान न मिलने समस्याएं बढ़ती जा रही है।