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जिले के आधे सें अधिक थानों के बेसिक फोन बंद

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मऊ। जिले के आधे से अधिक थानों के बेसिक फोन खराब पड़े हैं। जिले के छह थानों के बेसिक फोन अरसे से खराब हैं। सबसे अहम और सीमावर्ती दोहरीघाट थाने का बेसिक फोन एक साल से भी अधिक समय से खराब है। बेसिक फोन से जन सामान्य से लेकर विभागीय अथवा किसी भी सरकारी विभागों के अधिकारी सीधे दीवान अथवा मुंशी से बात कर सकते थे। किसी भी प्रकार की सूचनाओं का आदान प्रदान करना पुलिस कर्मियों से लेकर आम जनता के लिए आसान था। अब सरकार ने बेसिक फोन की बिल का बजट ही देना बंद कर दिया है। अब सीयूजी के भरोसे ही काम चलाना है। लेकिन विभागीय जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से आधे से अधिक थानों पर बेसिक फोन की सेवा ठप है। बेसिक फोन निष्क्रिय रहने से महिला थाने में तो उसकी स्थापना के बाद से अब तक बेसिक फोन लगाया ही नहीं गया। इसी प्रकार दोहरीघाट में एक साल से बेसिक फोन बेकार पड़ा है। इतने लंबे समय तक खराब रहने के कारण अब तो ज्यादा लोग इनका नंबर भी भूलने लगे हैं। इसी प्रकार कोपागंज थाने का फोन काफी समय से खराब पड़ा हुआ। घोसी कोतवाली का बेसिक फोन पिछले तीन महीने से खराब पड़ा है। जबकि रानीपुर थाने का बेसिक फोन भी कापवऊी समय से खराब पड़ा है। मधुबन थाने में लगा लैंडलाइन फोन पिछले आठ माह से खराब पड़ा है लेकिन ठीक कराने की कवायद नहीं की गई।इससे आवश्यक सूचनाओं का आदान प्रदान नहीं हो पाता है।थाना के पुलिस कर्मी विवश होकर डायल यूपी 100 को फोन करते हैं लेकिन उससे भी काम नहीं चल पाता है। मधुबन थाना वह थाना है जहां अंग्रेजीशासन कालमें ही भारतीय ध्वज फहराकर आजादी के दीवानों ने स्वतंत्रता का बिगुल फूंक दिया था। थाना पर बीएसएनएल का एक बेसिक फोन लगाया गया है। यह फोन पिछले छह माह से बिल भुगतान न होने के अभाव में कनेक्शन काट दिया गया है।लैंडलाइन फोन खराब होने के चलते फरियादियों को परेशान होना पड़ता है।जबकि लैंडलाइन का नम्बर अधिकाशं लोगों की जुबान पर आज भी है। इस बाबत अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि अब नये दौर की सुविधाओं का प्रयोग चलन में है। सभी थाना प्रभारियों को सीयूजी मोबाइल नंबर और डेटा दिए जा रहे हैं। अब बेसिक फोन के बिल का बजट सरकार ने बंद कर दिया है।
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