मऊ। जून माह का तीसरा सप्ताह चल रहा है, लेकिन अभी तक सिंचाई विभाग की तरफ से माइनरों में सिल्ट सफाई का कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। मुख्य नहर में भरपूर पानी न छोड़े जाने से अधिकांश माइनरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। हालत यह है कि काफी संख्या में किसान धान के नर्सरी के खेत की तैयारी ही नहीं कर पाए हैं। जिन किसानों ने निजी संसाधनों से नर्सरी डाल भी दिया है। उनके लिए नर्सरी को बचाना मुश्किल हो रहा है। शिकायत के बाद भी सिंचाई व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त नहीं किया जा सका है। अधिकारी बजट देर से मिलने का रोना रोकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हें। जिले में 391 किमी लंबी तीन नहरों की 70 माइनरें हैं। जून माह का तीसरा सप्ताह चल रहा है, लेकिन सिंचाई विभाग की तरफ से माइनरों का सफाई कार्य पूरा नहीं कराया जा सका है। मुख्य नहर में भरपूर पानी न छोड़े जाने से माइनरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। हालत यह है कई माइनरों में खर पतवार का जंगल लगा हुआ है। माइनरों में पानी न आने से खेती किसानी भगवान भरोसे हो रही है। किसानों की मानें तो नहर बंद होने के समय नहर तथा माइनरों की सिल्ट सफाई कार्य पूरा कराना होता है, लेकिन अभी तक सिल्ट सफाई का कार्य अधर में लटका पड़ा है।15 जून तक अगेती धान की नर्सरी डालने का समय है, लेकिन सिंचाई के अभाव में काफी संख्या में किसान नर्सरी डालना तो दूर खेत की तैयारी नहीं कर पाए हैं।