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बच्चों को पढ़ाएं, मजदूरी न कराएं

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मऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में बुधवार को तहसील सदर के प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम विरोध दिवस के अवसर पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से कार्य न कराने की अपील करते हुए कहा कि बच्चों को विद्यालय भेजकर उन्हें शिक्षित करें। ताकि उनको उनका बचपन मिल सके और वह समझदार हो सकें। प्राधिकरण के सचिव आसिफ इकबाल रिजवी ने कहा कि संविधान में सबको समानता का अधिकार है। समाज के कमजोर वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम न कराने की अपील की। तहसीलदार सदर ओम प्रकाश पांडेय ने कहा कि बच्चों के द्वारा बचपन में किसी मजदूरी के लिए किए जाने वाले कार्य को संपूर्ण विश्व में प्रतिबंधित किया गया है। 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कम मजदूरी देकर कार्य कराया जाता है। देश में बहुत गरीबी है, शिक्षा का प्रचार-प्रसार नहीं है। लोगों के अंदर जागरूकता का अभाव है। जिससे आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े हैं, वह बच्चों से श्रम कराते हैं। समाज के लिए यह अभिशाप और कलंक है। बाल श्रम करवाना, खेल कूद और पढ़ने की उम्र में बचपन छीनकर उनको पिछड़ा कर दिया जाता है । इससे बेरोजगारी और शिक्षा को बढ़ावा मिलता है। शिक्षा के बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वह अपना जीवन बेहतर जी सकते हैं। घरों में दुकानों में ऐसे बाल श्रमिक न रखें। श्रम प्रवर्तन अधिकारी मानसिंह ने कहा कि किसी बच्चे से कार्य न कराएं, न करने दें। अगर ऐसा बच्चा कार्य करते पाया जाता है तो उसके गार्जियन को समझाएं बच्चों से उनका बचपन न छीने उन्हें स्कूल भेजें ताकि वह पढ़ लिख कर आत्मनिर्भर बने। इस मौके पर एसडीएम सदर डॉ. अंकुर लाठर, तहसीलदार न्यायिक विजय कुमार मिश्र, शिव कुमार राम, डॉ. बी एन पांडेय, शशि प्रकाश राय, ओमप्रकाश पांडेय, बालमुकुंद सिंह, श्रीनिवास तिवारी, हरेंद्र यादव, विनोद कुमार सिंह सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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