हिंदू युवा वाहिनी एवं श्री नागेश्वर नाथ धर्माथ सेवा संस्थान के तत्वावधान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्म दिवस पर कस्बा स्थित प्राचीन गौरीशंकरमंदिर के प्रांगण में रामकथा के चौथे दिन अयोध्या से पधारे आचार्य मणिराम दास ने कहा कि मानव जीवन सबसे सुंदर और सर्वोत्तम होता है। मानव जीवन की खुशियों का कुछ ऐसा जलवा है कि भगवान भी इस खुशी को महसूस करने समय-समय पर धरती पर आते हैं। भगवान विष्णु ने भी समय-समय पर मानव रूप लेकर इस धरती के सुखों को भोगा है। भगवान विष्णु का ही एक रूप कृष्ण जी का भी है। कथा के दौरान कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा के दौरान जैसे भगवान का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान लोग नाचने गाने लगे। भगवान श्रीकृष्ण की वेश में नन्हें बालक के दर्शन करने के लिए लोग लालायित नजर आ रहे थे। भगवान के जन्म की खुशी पर महिलाओं द्वारा अपने घरों से लगाए गए गुड़ के लड्डुओं से भगवान को भोग लगाया गया। उन्होंने कहा की मनुष्य भगवान को छोड़कर माया की ओर दौड़ता है। ऐसे में वह बंधन में आ जाता है। मानव को अपना जीवन सुधारने के लिए भगवत सेवा में ही लीन रहना चाहिए। कहा कि भगवान कृष्ण ने संसार को अंधेरे से प्रकाश में लाने के लिए जन्म लिया और अज्ञान रूपी अंधकार को ज्ञानरूपी प्रकाश से दूर किया। भगवान कृष्ण को जब वसुदेव यशोदा मैया के घर लेकर जा रहे थे तो, शेषनाग ने छाया की और गंगामाता ने चरण छुए। कृष्ण को नंदबाबा के घर छोड़कर यशोदा मैया की कन्या को लेकर वापस कंस के कारागृह में आए। कथा में कृष्णोत्सव मनाया गया। कथा में जैसे ही भगवान का जन्म हुआ पूरा पंडाल %नंद के आनंद भयो जय कन्हैयालाल की के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर अवध बिहारी पांडेय, दुर्गेश गुप्ता, मनोज, पंकज तिवारी, राकेश जायसवाल, संतोष जायसवाल आदि शामिल रहे।