ओवरलोड से फुुंक रहे ट्रांसफार्मर, परेशान हो रहे लोग
वर्कशाप में मरम्मत के लिए आए हैं 30 ट्रांसफार्मर
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। भीषण गर्मी के मौसम में नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर फुंक जा रहे हैं। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। शासन की तरफ से निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है। कई दिनों तक बिजली गुल हो जाने के चलते दिन रात बिताना मुश्किल हो रहा है। शिकायत के बाद भी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त नहीं किया जा सका है। नगर सहित जिले में 9653 ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। उपभोक्ताओं के अनुसार विभाग की तरफ से ट्रांसफार्मरों का उचित रख रखाव सही ढंग से न होने के चलते आए दिन तकनीकी खामी के चलते फाल्ट हो जा रहा है। इसके चलते घंटों बिजली गुल हो जा रही है। भीषण गर्मी के मौसम में एसी, कूलर सहित अन्य उपकरणों के चलने से बिजली की खपत बढ़ गई है। 110 मिलियन यूनिट के सापेक्ष 104 मिलियन यूनिट ही बिजली मिल पा रही है। रमजान माह में डेढ़ गुना खपत बढ़ी है। ओवरलोड से ट्रांसफार्मर फुंक जा रहे हैं। इसके चलते क्षेत्रों में कई दिनों तक बिजली गुल हो जाने के कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि अधिकारियों की मानें तो कई क्षेत्रों में उपभोक्ताओं द्वारा निर्धारित लोड से अधिक बिजली का उपभोग कर रहे हैं। बिजली विभाग के वर्कशाप में मरम्मत के लिए 30 ट्रांसफार्मर आए हैं। जिसमें 400 केवीए के आठ, 250 केवीए के एक, 630 केवीए के एक ट्रांसफार्मर बनकर तैयार हैं। जबकि 25 केवीए के पांच,10 केवीए के पांच, 63 केवीए के तीन, 400 केवीए के दो तथा 230 केवीए के पांच का मरम्मत कार्य चल रहा है। अधिकारियों की मानें तो बड़े ट्रांसफार्मर के मरम्मत कार्य में तीन से चार दिन लगता है। जबकि 25 केवीए से 230 केवीए के ट्रांसफार्मर मरम्मत कार्य में एक दिन लगता है। इस संबंध में परदहां ब्लाक क्षेत्र के रविंद्र यादव, मनोज सिंह, सूर्यप्रताप मौर्य, महेंद्र कुमार का कहना है कि ट्रांसफार्मर में फाल्ट होने पर ही बिजलीकर्मी बनाने आते हैं, लेकिन ट्रांसफार्मर के रख रखाव करने के लिए कभी नहीं दिखाई देते हैं। इसके चलते ट्रांसफार्मरों मेें तकनीकी खामी आने से आए दिन घंटों बिजली गुल हो जा रही है। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया जा सका है। इस बाबत अधीक्षण अभियंता विद्युत एसके सरोज का कहना है कि ट्रांसफार्मरों का रख रखाव सही ढंग से कराया जा रहा है। लापरवाही का प्रकरण संज्ञान में आया तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।