मऊ। जिले के प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों की कक्षाओं का ब्लाक सह समन्वयकों द्वारा निरीक्षण करने में खानापूरी करने का मामला प्रकाश में आया है। शासन ने एक अक्तूबर 2018 से 31 मार्च 2019 तक ब्लाक सह समन्वयकों के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा में 13 सह समन्वयकों का कार्य निर्धारित लक्ष्य 60 प्रतिशत से कम पाया गया है। शिक्षा निदेशक बेसिक ने लापरवाह ब्लाक सह समन्वयकों को मूल विद्यालय भेजने का आदेश दिया है। साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से 10 जून तक रिपोर्ट मांगी है। जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। विद्यालयों की कक्षाओं का निरीक्षण करने के लिए प्रत्येक ब्लाक में ब्लाक सह समन्वयकों की तैनाती की गई है। सह समन्वयकों अपने क्षेत्र के विद्यालयों की कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों को दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता का आकलन कर विभिन्न बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट को विभाग द्वारा बनाए गए ईक्षा एप पर डाउनलोड करना होता है। कक्षा में 30 मिनट का समय बिताना होता है। ईक्षा एप पर रिपोर्ट डाउनलोड होते ही शिक्षा विभाग से मानीटरिंग शुरू हो जाती है। शिक्षा निदेशक की समीक्षा में 12 सह समन्वयकों का कार्य निर्धारित लक्ष्य 60 प्रतिशत से कम पाया है। लापरवाह सह समन्वयकों को मूल विद्यालय भेजने के लिए आदेश जारी किया है। लापरवाह सह समन्वयकों में कोपागंज ब्लाक में कुंवर मन्ना सिंह, ओमप्रकाश राजभर, साधना यादव, परदहां से सुधा सिंह, सहेंद्र सिंह, रानीपुर से संजू देवी, रतनपुरा से आशुतोष कुमार राय, राजकुमार सिंह, घोसी से दिनेश कुमार सिंह, रामविलास भारती,रत्नेश कुुमार पांडेय, सत्यप्रकाश सिंह सहित एक दर्जन से अधिक लापरवाह पाए गए हैं। इस बाबत बीएसए ओपी त्रिपाठी का कहना है कि शासन की मंशा के अनुरुप लापरवाह सह समन्वयकों को नोटिस भेजी जाएगी। स्पष्टीकरण मिलने के बाद कार्यवाही की जाएगी।