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अध्यापिकाओं में वाक्युद्ध , एक हुई अचेत

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रतनपुरा ब्लाक के पहसा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को दो अध्यापिकाओं के बीच काफी देर तक कहासुनी होती रही। इस दौरान सहायक अध्यापिका अचेत हो गई। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने बेहोश अध्यापिका को एक नीजी अस्पताल में भर्ती कराया। घंटों इलाज के बाद उसे होश आया। विवाद सहायक अध्यापिका को अनुपस्थित किए जाने को लेकर हुआ। खंड शिक्षा अधिकारी राजेश चतुर्वेदी ने चार अक्टूबर को उच्च प्राथमिक विद्यालय पहसा का निरीक्षण किया था। बीईओ ने उस समय उमा यादव को न पाकर अनुपस्थित कर दिया था। सोमवार को इसी बात को लेकर प्रधानाध्यापिका पुष्पा मिश्रा और सहायक अध्यापिका उमा यादव के बीच बहस हो गई। उमा यादव ने प्रधानाध्यापिका से कहा कि वह तो चार अक्टूबर को विद्यालय आई थीं। तबियत खराब होने पर वह विद्यालय बंद होने के कुछ ही देर पहले आपको प्रार्थनापत्र देकर अस्पताल चली गई। सहायक अध्यापिका का कहना था कि यह बात उन्होंने बीईओ से क्यों नहीं बताया। अपने कथन की पुष्टि के लिए वह एक देवस्थान पर शपथ लेने की बात कह रही थी। दोनों में वाद विवाद हो ही रहा था कि इसी बीच उमा यादव बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी।इसकी जानकारी होते ही ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आनन फानन अचेत अध्यापिका को नजदीक के एक नीजी अस्पताल ले गए। घटना की जानकारी पाकर अध्यापिका के परिजन भी अस्पताल आ गए। कुछ देर तक चले इलाज के बाद सहायक अध्यापिका को होश आया। इसके बाद उन्हें विद्यालय ले जाया गया। इस घटना से विद्यालय में कुछ देर तक अफरा तफरी का माहौल हो गया। उधर सहायक अध्यापिका उमा यादव का कहना है कि प्रधानाध्यापिका प्रताड़ित करती रहती हैं। प्रार्थनापत्र देने के बाद अनुपस्थित करा दीं। इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारी राजेश चतुर्वेदी का कहना है कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है।
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