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जांच में 15 नामांकन पत्र अवैध पाए गए

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कलेक्ट्रेट पर नामांकन पत्रों की जांच करते निर्वाचन अधिकारी।संवाद - फोटो : MAU
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मऊ। चार विधानसभाओं के लिए दाखिल किए गए नामांकन पत्रोें की शुक्रवार को जांच की गई। जांच में 15 नामांकन पत्र अवैध पाए गए। जिन्हें निरस्त कर दिया गया। निरस्त किए गए फार्मों का कारण अपूर्ण शपथ पत्र भरना तथा जमानत धनराशि जमा न करना बताया जा रहा है। 45 फार्म जांच में सही पाए गए। निरस्त किए गए पर्चों में मधुबन से सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह का पर्चा भी शामिल है। कलेक्ट्रेट स्थित कक्षों में शुक्रवार की सुबह कार्मिकों ने चार विधानसभाओं से भरे गए 60 नामांकन पत्रों की जांच शुरू की। राजीव कुमार परिवर्तन समाज पार्टी, मनोज कुमार यादव भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी का फार्म निरस्त हुआ है। विधानसभा 354 घोसी में 17 में छह लोगों का नामांकन निरस्त किया गया। इनमें हरिशंकर यादव निर्दल, शरद चंद बहुजन मुक्ति पार्टी, बदरुन्निसां निर्दल, रविंद्र लोग पार्टी, अरविंद जनता क्रांति पार्टी राष्ट्रवादी, ओम प्रकाश यादव आजाद समाज पार्टी कांशीराम शामिल हैं। वहीं विधानसभा 355 मोहम्मदाबाद गोहना (अनुसूचित जाति) में 11 में तीन लोगों का नामांकन फार्म निरस्त हुआ। जिसमें रामधारी बहुजन मुक्ति पार्टी, प्रेम प्रकाश आंबेडक राइट पार्टी, सुमंत आजाद समाज पार्टी शामिल हैं। जबकि विधानसभा 356 मऊ सदर में 17 में तीन लोगों का नामांकन फार्म निरस्त किया गया। जिसमें रमाकांत बहुजन मुक्ति पार्टी, सुरेंद्रनाथ चौहान निर्दल, नरेंद्र भारत स्वाभिमान पार्टी शामिल हैं। निरस्त हुए नामांकन फार्मों में अधिकतर प्रत्याशियों ने शपथ पत्र अपूर्ण भरा था, वहीं कुछ ने जमानत राशि जमा नहीं की थी। चारो विधानसभा में कुल 45 प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म जांच के दौरान सही पाए गए हैं। मधुबन विधानसभा से प्रत्याशी घोषित होने पर नामांकन प्रक्रिया शुरू होने पर सबसे पहला नामांकन सपा के प्रत्याशी सुधाकर सिंह ने सपा के सिंबल पर किया था। लेकिन बाद में पार्टी ने प्रत्याशी बदलकर पूर्व विधायक उमेश चंद्र पांडेय को प्रत्याशी बनाया था। उमेश चंद्र पांडेय ने पार्टी के सिंबल से पर्चा दाखिल किया था। जिस कारण शुक्रवार को पर्चा जांच में सुधाकर सिंह का पर्चा निरस्त कर दिया गया। प्रत्याशी बदले जाने पर मधुबन के कई सपा नेताओं ने लखनऊ में डेरा डाला था। लेकिन पार्टी अपने निर्णय पर अड़ी रही।
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