आचार संहतिा लगते ही चुनाव के दौरान शरारती तत्वों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। अब लाइसेंसी असलहों को जमा कराने की कवायद पुलिस ने शुरु कर दी है। शस्त्र धारकों को किसी उत्सव में अब फायरिंग करना भारी पड़ेगा। हथियार रखने के शौकीन लोगों को एक-एक कारतूस का हिसाब देना होगा। पुलिस स्वयं कारतूसों की जांच कर रही है । यदि एक भी कारतूस का हिसाब गड़बड़ाया, तो लेने के देने पड़ सकते हैं। इसे लेकर क्षेत्राधिकारी घोसी नंदलाल ने बताया कि कारतूस विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं, कि वे अपनी दुकानों पर शासन की गाइड लाइन का पालन करते हुए ही कारतूस बेचें। प्रतिदिन की कारतूस बिक्री का विवरण शस्त्र अनुभाग में रोज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। कारतूस विक्रेता से उपलब्धआंकड़े को शस्त्र अनुभाग लाइसेंस धारक के संबंधित थाना क्षेत्र को भेजेगा। थाने की पुलिस कभी भी किसी का भी औचक निरीक्षण करेगी। यदि खरीदे गए और उपलब्ध कारतूसों में अंतर मिला, तो उसका जवाब लाइसेंस धारक को देना होगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर चल रही सख्ती में कारतूसों के दुरुपयोग का इनपुट लगातार महिल रहा है। इस पर प्रभावी लगाम लगाई जाएगी।