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आदर्श केंद्र के रूप में विकसित होंगे जिले के 137 आंगनबाड़ी केंद्र

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बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जिले के प्रत्येक ब्लाक से 13-14 आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श बनाने की योजना तैयार की गई है। पहले चरण में 44 अफसरों के सहयोग से इन्हें विकसित किया जाएगा। इनके सहयोग से केंद्रों पर बच्चों के लिए पंखे, कुर्सियां, खेल-खिलौने, वजन मशीन आदि की व्यवस्था कराई जाएगी।
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जिले में 2587 आंगनबाड़ी केंद्रों में लगभग 2.70 लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को कुपोषण मुक्त करने के साथ-साथ केंद्रों को आधुनिक बनाया जाएगा। योजना के तहत पहले चरण में जिले के प्रत्येक ब्लाकों से 13-14 आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श बनाया जाएगा। प्रथम चरण में137 आंगनबाड़ी केंद्रों को 44 अफसरों के सहयोग से ादर्श केंद्र के रुप में विकसित किया जाएगा। प्रत्येक अधिकारी को तीन-तीन आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर करने की जिम्मेदारी दी गई है। इतना ही नहीं अफसर अपनी स्वेच्छा सूची में शामिल आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श बनाने के लिए करेंगे। इसके बाद ब्लाक स्तर के जनप्रतिनिधि-अधिकारियों को इससे जोड़ा जाएगा।
जिले में हैं कुल 2587 आंगनबाड़ी केंद्र
आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र बनने से शिक्षा व्यवस्था बेहतर होगी। यहां बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेगी। साथ ही उनके अभिभावकों में जागरूकता बढ़ेगी। वहीं विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम होने से बच्चों को ज्ञानवर्धक बातें सीखने को मिलेगी। इसी क्रम में 10 बेड की क्षमता वाले पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाएगा।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों में सभी आधुनिक सुविधाएं बहाल की जा रही हैं। प्रथम चरण में 137 आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श केंद्रों के रूप में विकसित बनाने की योजना तैयार की गई है। आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लिए अधिकारियों को सूची भेज दी गई है।
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