मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकेश मिश्रा ने हत्या सहित पांच मामलों में पांच आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। जिला जज ने यह आदेश बचाव पक्ष और डीजीसी फौजदारी राजेश कुमार सिंह राज के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया। पहला मामला चिरैयाकोट थाना क्षेत्र का है। वादिनी मुकदमा चंद्रावती देवी का कथन है कि उसके पति श्याम बिहारी सीआरपीएफ में नौकरी करते थे। अवैध संबंधों के चलते आरोपी अन्य लोगों के साथ मिलकर श्याम बिहारी की संपत्ति हड़पने की नियत से हत्या कर लाश छुपा दिए। श्याम बिहारी का शव सात अप्रैल 2018 को नैनवां वन से कुछ दूरी पर मिला। मामले में आरोपी छपरा बदरुद्दीन निवासी राहुल पुत्र सुरेश की ओर से जमानत की अर्जी दी गई जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया। दूसरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। वादिनी का आरोप है कि आरोपी शादी का झांसा देकर जबरदस्ती बलात्कार किया। मामले में आरोपी मुंशीपुरा मुहल्ला निवासी अब्दुल लतीफ पुत्र अब्दुल कादिर की ओर से जमानत की अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। तीसरा मामला दोहरीघाट थाना क्षेत्र का है। निरीक्षक नीरज कुमार पाठक ने रसूलपुर नदी के किनारे 220 लीटर मिलावटी शराब और शराब बनाने का उपकरण बरामद किया था। मामले में आरोपी रसूलपुर मोर्चा निवासी श्रीकांत यादव पुत्र राजबली यादव की ओर से जमानत की अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। चौथा मामला भी दोहरीघाट थाना क्षेत्र का है । नौ फरवरी 2019 को एस ओ पंकज कुमार सिंह अवराडाड़ के पास टेंपो ट्रैवलर से 46 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब और 15 लीटर अप मिश्रित शराब बरामद किया था। मामले में आरोपी हरियाणा प्रदेश के फतेहाबाद जनपद के थाना भट्टू कला के खावड़ा निवासी पंकज पुत्र मदनलाल की ओर से जमानत की अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। पांचवा मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र का है। 10 फरवरी 2019 को प्रभारी निरीक्षक ब्रह्मदीन पांडेय ने रसड़ी में देवेंद्र सिंह के भट्टे से 110 लीटर शराब बरामद किया था। मामले में झारखंड प्रदेश के लोहर दंगा जनपद के कागुरी निवासी दीपक उरांव पुत्र फूलदेऊ की ओर से जमानत की अर्जी दी गई। जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।