मऊ। जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी शुक्रवार की दोपहर अचानक जिला अस्पताल जा पहुंचे। कारण उनके पैर के अंगूठे में तकलीफ का होना था। जिसका इलाज कराने वह सीएमएस के दफ्तर में पहुंचे थे। लेकिन उनके पहुंचने की सूचना मिलते ही ओपीडी से गायब चिकित्सक आनन-फानन में अपने-अपने चेंबर में जा बैठे और इंतजार कर रहे मरीजों का इलाज शुरू किया। डीएम के अस्पताल में रहने तक हड़कंप की स्थिति बनी रही। हर कर्मचारी अपने काम पर डटा रहा। हुआ यू कि शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी हुई थी। तभी जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी अपने लाव लश्कर के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और सीधे सीएमएस डॉ. बृजकुमार के चेंबर में चल गए। 20 मिनट तक वह सीएमएस के कक्ष में रहे। हालांकि उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण नहीं किया। सीएमएस डॉ. बृजकुमार ने बताया कि डीएम अपने पैर के अंगूठे में कोई समस्या होने पर उसके उपचार के लिए आए हुए थे। उधर, अस्पताल में जिलाधिकरी की मौजूदगी का आलम यह रहा कि चिकित्सक से लेकर आम कर्मचारी तक अपने कामों पर डटा रहा। यह देख कर मरीज और तीमारदार भी हैरत में रहे कि अचानक यह तब्दीली कैसी। बाद में उन्हें डीएम की मौजूदगी का पता चला तो सारी बातें उनके समझ में आ गईं।