मऊ। चुनाव आयोग के संशोधित निर्देश के अनुसार अब मतदान से 90 मिनट पहले मॉकपोल कराया जाएगा। शनिवार को जिला निर्वाचन अधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने मॉकपोल की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि मतदान के निर्धारित समय से 90 मिनट पहले मॉकपोल की कार्यवाही शुरू कर दें। मॉकपोल के समय पोलिंग एजेंटों की उपस्थिति आवश्यक है। यदि मॉकपोल के समय एजेंट उपस्थित नहीं है तो पीठासीन अधिकारी 15 मिनट तक उनकी प्रतीक्षा करें। यदि इसके बाद पोलिंग एजेंट उपस्थित नहीं होते हैं तो पीठासीन अधिकारी मॉकपोल की कार्यवाही शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मतदान कक्ष में उपस्थित मतदान अधिकारी डाले गए वोटों का लेखाजोखा रखेंगे। कम से कम 50 वोट डलवाने के बाद टोटल बटन दबाकर कुल पड़े मतों को लिखेंगे और क्लोज बटन को दबाएंगे। पोलिंग एजेंट की उपस्थिति में कंट्रोल यूनिट का रिजल्ट बटन दबाकर डाले गए वोटों एवं ईवीएम में पड़े मतों का मिलान करेंगे। यदि पोलिंग स्टेशन पर वीडियोग्राफी की व्यवस्था है तो मॉकपोल की कार्यवाही की वीडियोग्राफी भी कराएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारण ईवीएम बदलना पड़ता है तो कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट दोनों बदली जाएंगी।