मऊ। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहलाकर भगाने तथा उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई के बाद नामजद पांच आरोपियों में से एक को दोषी पाया। 11 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड जमा हो जाने पर 15 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा की 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को आरोपी 4 फरवरी 2015 को उस समय भगा ले गया जब वह विद्यालय गई थी। मामले में पुलिस ने वादी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की। विशेन दुबारी गांव निवासी सचिन उर्फ सचिंद्र कुमार पुत्र राधा कृष्ण, पुष्पेंद्र और मणिनाथ पुत्रगण राधा किशुन, मुनिया देवी पत्नी सुभाष और परशुराम पुत्र रामयदि के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में विशेष लोक अभियोजक रामचंद्र चौहान, प्रवीण मिश्रा और विमल श्रीवास्तव ने दस गवाहों को पेश कर पक्ष रखा।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी सचिन उर्फ सचिंद्र कुमार को नाबालिग को शादी के लिए भगा ले जाने तथा दुष्कर्म के मामले में दोषी पाया। वहीं मणिनाथ, मुनिया देवी, परशुराम, पुष्पेंद्र को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।