मऊ। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगाने तथा दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी रामबचन उर्फ प्रधनवा को दोषी पाया। आरोपी को दस वर्ष की सजा की सजा के साथ ही 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया । अर्थदंड न देने पर 2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड में से 15 हजार रुपये पीड़िता को बतौर प्रतिपूर्ति देने का आदेश दिया।
मामला कोपागंज थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वादिनी मुकदमा की 15 वर्ष की नाबालिग लड़की को आरोपी 5 जुलाई 2015 को शादी का झांसा देकर भगा ले गया। इस दौरान आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर कोपागंज थाना क्षेत्र के पारा गांव निवासी रामबचन उर्फ प्रधनवा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की। विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने कुल आठ गवाहों को पेश किया। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी रामबचन उर्फ प्रधनवा को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया। दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ अर्थदंड सुनाया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले में गवाहों को कोर्ट में पेश करने में आरक्षी अखंड प्रताप ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।