मऊ। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट शहीब जेहरा ने किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने तथा उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में नामजद एक आरोपी को दोषी पाया। उसे 10 साल की सजा सुनाई और 10 हजार का जुर्माना भी लगाया। जबकि एक आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा की 13 वर्षीय किशोरी को गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के सोमबरसा गांव निवासी शहजाद अनवर 14 अगस्त 2015 की रात्रि में बहला फुसलाकर भगा ले गया। पुलिस ने उसे शहजाद अनवर के पास से बरामद किया। पीड़िता के बयान के आधार पर कोर्ट ने शहर कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुरा मोहल्ला निवासी अफताब अहमद को भी अभियुक्त के रूप में तलब किया। मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने पांच गवाह पेश किए। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्को को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी आफताब को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। जबकि आरोपी शहजाद अनवर को नाबालिग को बहला फुसलाकर भगाने तथा उसके साथ दुष्कर्म करने का दोषी पाया। जज ने उसे 10 साल की सजा सुनाते हुए 10 हजार रुपये जुर्मान भी लगाया। कहा अगर उसने जुर्माना अदा नहीं किया तो उसे एक साल और कारावास भुगतना होगा।