मऊ। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पे एंड यूज सुलभ शौचालय की व्यवस्था के नाम पर रेल यात्रियों का आर्थिक शोषण हो रहा है। शौचालय के बाहर रेलवे द्वारा जारी की गई रेट सूची नहीं लगाई गई है। जिससे यात्रियों को सही शुल्क की जानकारी नहीं हो पाती है। वहां बैठा कर्मचारी यात्रियों से 10 रुपये शुल्क लेते हैं। जबकि रेलवे के अनुसार शौच करने का चार्ज पांच रुपये है। मऊ जंक्शन से हर दिन सात हजार से अधिक और महीने में लगभग दो लाख से अधिक लोग यात्रा करते हैं। ठंड में ट्रेनों की लेटलतीफी जारी है। जिसके चलते सुबह की ट्रेन पकड़ने पहुंचे यात्रियों की ट्रेन लेट पहुंचने से उन्हें पे एंड यूज सुलभ शौचालय का उपयोग करना पड़ता है। दिन की ट्रेनें शाम और शाम की ट्रेनें रात को पहुंच रही हैं। जिसके चलते शाम को भी रेलवे स्टेशन पर भीड़ अधिक हो रही है। बढ़ती भीड़ का शौचालय के बाहर बैठा कर्मचारी फायदा उठाकर यात्रियों से मनमाना शुल्क वसूलता है। बीते एक साल से रेट सूची भी नहीं लगी है। जिससे यात्रियों को निर्धारित शुल्क से अनजान रहते हैं। कर्मचारियों से पूछने पर नए नियम के तहत शुल्क बढ़ने और रेट सूची टूट जाने की बात कहते हैं। टेंडर कब हुआ या समाप्त हो गया है इसकी जानकारी भी नहीं हो पाती है। बृहस्पतिवार की सुबह रेलवे स्टेशन पर मौजूद रामनरेश, विजय निषाद, हरिओम गोड़ ने बताया कि सुलभ शौचालय के सामने रेट सूची नहीं लगी है। उनके साथ आए दो लोगों ने शौचालय का उपयोग किया तो उनसे 10 रुपये लिया गया। वहीं गोरखपुर जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे रमेशचंद्र, दिनेश कन्नौजिया ने बताया कि वो वेटिंग हाल में 30 मिनट से बैठे हैं। सुलभ शौचालय में यूरिनल करना हो या शौच सबसे 10 रुपये लिया जा रहा है।
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सुलभ शौचालय के बाहर रेट सूची लगाना अनिवार्य है। रेट सूची नहीं लगने की शिकायत नहीं मिली है। नहीं लगी है तो संबंधित जिम्मेदार से बोलकर लगवा दी जाएगी।
अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, रेलवे