ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शुक्रवार को गोवर्धन पहुंचे, जहां श्री राधा कृष्ण कृपा धाम आश्रम में हिंदूवादी कार्यकर्ताओं और गो-रक्षकों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने गो माता के संरक्षण, मतदान की जिम्मेदारी और सनातन मूल्यों पर आधारित शासन व्यवस्था को लेकर अपने विचार रखे। अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि गो माता भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का आधार हैं। उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देशवासियों को मतदान का अधिकार मिला, लेकिन मतदान करते समय उसके परिणामों पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा, “आपका वोट आपको गो रक्षक भी बना सकता है और गो हत्यारा भी। इसलिए मतदान सोच-समझकर और विचार करके करें। जिस पार्टी या उम्मीदवार की नीतियां गो संरक्षण के पक्ष में हों, उसे ही समर्थन दें, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो।”शंकराचार्य ने बताया कि उनकी यह धार्मिक यात्रा मतदाताओं से संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
उन्होंने कहा कि समाज को अपने बीच से ऐसे लोगों को आगे लाना होगा जो सनातन मूल्यों और गो संरक्षण के प्रति समर्पित हों। उन्होंने कहा कि देश सनातनियों का है, इसलिए शासन व्यवस्था में भी सनातन मूल्यों का प्रतिबिंब दिखाई देना चाहिए। इस अवसर पर गो माता के संरक्षण के लिए “एक नोट अभियान” की शुरुआत की गई। अभियान के संचालन और विस्तार के लिए धीरज कौशिक को प्रतिनिधि नियुक्त किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गो-रक्षक और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने शंकराचार्य के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और गो संरक्षण के लिए सहयोग का संकल्प लिया। इस मौके पर दीनबंधु दास महाराज, गणेश पहलवान, हरेकृष्ण चौधरी, धीरज कौशिक, अमित गोस्वामी, श्रेयस आदि मोजूद रहे।