इस दौरान क्रमिक अनशन पर सत्यपाल निषाद और बालकिशन बैठे। धरने की अध्यक्षता रामजी लाल और संचालन डंबर सिंह ने किया। गांव दामोदरपुरा में धरनास्थल से सभी महिला और पुरुष जुलूस के रूप में यमुना के घाट पर पहुंचे। यहां किसानों की जमीन का मुआवजा और किसानों की जेल से रिहाई के लिए शासन और प्रशासन की बुद्धि शुद्धि की कामना करते हुए यमुना पूजन किया। इस दौरान वक्ताओं ने शासन और प्रशासन के रवैये की आलोचना भी की। इस मौके पर शंकर लाल, कुलदीप यादव, ढोला जाटव, पप्पू, भगवान निषाद, गोपाल वाल्मीकि, जगन्नाथ छौंकर, सुरेश निषाद आदि मौजूद रहे।