मथुरा। रामनवमी के दिन जामा मस्जिद के छज्जे पर चढ़कर भगवा लहराने के अगले दिन मस्जिद के आसपास दुकानें करने और रहने वाले लोगों ने आपसी सौहार्द और भाइचारा दिखाया। बिना किसी तनाव के रोज की तरह आपस में बतियाते दिखे। इन लोगों से जब बता की तो बताया कि वर्षों से हम भाईचारा बनाए हुए हैं, इसमें कोई दरार नहीं डाल सकता। कुछ युवकों ने भले ही गलत किया हो लेकिन इसका हमारी दिनचर्या पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पुलिस अपना काम कर रही है और हम एक - दूसरे को सहयोग करते रहेंगे। भगवा झंडा लहराए जाने की घटना से दोनों समुदाय के नागरिक व्यथित दिखे। उनका कहना था कि इसके पीछे जो भी लोग है, पुलिस को उन तक पहुंचना चाहिए। निसंदेह यह गलत मंशा को लेकर हुआ है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। लोगों कहना था कि रामनवमी पर हर साल शोभायात्रा इसी रास्ते से गुजरती है। सभी प्रेमभाव से सहयोग करते हैं। इसी का नतीजा है कि कभी भी विवाद नहीं हुआ और न ही ऐसी आशंका रहती है। ऐसे घटनाएं दोनों समुदायों के बीच भाईचारे को समाप्त नहीं कर सकती हैं।
जुमे की नमाज सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई है। सभी को पहले ही समझा दिया गया है कि जिन शरारती तत्वों ने झंडा लहराए जाने की घटना को अंजाम दिया था, उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया है। हमें कोई भी ऐसा काम नहीं करना है, जिससे माहौल खराब हो। सभी ने इस बात को समझा और माहौल को बिगड़ने नहीं दिया।
आजिज अहमद
जिन शरारती तत्वों ने झंडा लहराया, उन्होंने माहौल को बिगाड़ने का काम किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार भी किया है। इस तरह की घटना पहली बार हुई है। शोभायात्रा का हम लोग शुरू से ही स्वागत करते आ रहे हैं। कभी भी माहौल खराब नहीं हुआ था। जुमे की नमाज बेहतर माहौल में हुई है।
मो. आरिफ
शोभायात्रा में माहौल खराब करने वाले युवकों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। ऐसे लोग सभी को बदनाम करते हैं। माहौल खराब करने का किसी को हक नहीं है। हम लोग आपस में मिल जुलकर रहते हैं। आपसी भाईचारा आगे भी कायम रहेगा।
- गोपाल सिंह, व्यापारी
जो भी हुआ, गलत हुआ है। युवकों को ऐसा नहीं करना चाहिए। इससे सांप्रदायिक माहौल खराब होता है। माहौल में तनाव होता है। इससे व्यापार भी असर पड़ता है। जुमे की नमाज के दौरान पुलिस की व्यवस्था काफी अच्छी रही। किसी भी तरह की घटना को रोकने के लिए सुरक्षा जवान तैनात रहे।
- उदयभान, व्यापारी