मथुरा। जांच के घेरे में आई कैबिनेट बैठक के स्थगित होने पर महापौर शक्ति प्रदर्शन करने में कमजोर साबित हुए। नगर निगम कार्यालय में बुलाई पार्षदों की बैठक में 70 से मात्र 22 पार्षद और उनके प्रतिनिधि ही पहुंचे। बैठक में महापौर ने पार्षदों के बीच जलकल के टेंडरों पर रोक लगाने की सिफारिश करने के मामले में फिर एक बार सफाई दी।
महापौर ने कहा कि 13 सितंबर को बोर्ड बैठक में जलकल के कार्यों के लिए जो प्रस्ताव पास किया था उसमें स्पष्ट रूप से नियमानुसार टेंडरों की स्वीकृति सर्वसम्मति से हुई थी। लेकिन अधिकारियों ने टेंडरों को पूल कराकर जो कार्य पिछले डेढ़ साल से 42 से 50 प्रतिशत दर में हो रहे थे उन्हें अब 85 से 90 प्रतिशत की दर जोन स्तर पर ठेकेदारों को बांट दिया गया। यह नियमानुसार नहीं है। इसकी जानकारी होने पर नगर आयुक्त को पत्र लिखकर विरोध किया और टेंडर को निरस्त करने के लिए कहा।
महापौर ने कहा कि करोड़ों रुपए की स्ट्रीट लाइट्स बिना टेंडर प्रक्रिया के कोटेशन के आधार पर सीधे ठेकेदार से खरीदी जा रही है। जबकि सभी वार्डों में 50 -50 स्ट्रीट लाइट्स कराने के लिए टेंडर के लिए उनके द्वारा कई माह पहले निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम की भूमि को बिना सदन की स्वीकृति के लिए अनुबंधित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जीआईएस सर्वे की आड़ में भवन स्वामियों को भवन कर के बिलों को बढा-चढाकर भेजा रहा है। बैठक में पार्षद हनुमान गुर्जर, रचना रामकिशन, बालकिशन चतुर्वेदी, उमा दीक्षित, अंकुर गुर्जर, पूजा प्रदीप धनगर, रेनू चौधरी, रूपकिशोर वर्मा, नाजरा मलिक आदि उपस्थित रहे।
विरोधी पार्षद बोले- महापौर के खिलाफ एकजुट हैं पार्षद
-कहा शिकायत वापस लेकर माफी मांगें महापौर
संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा। महापौर के विरोधी गुट के पार्षदों ने कृष्णानगर स्थित जैन चौरासी मंदिर में बैठक करने का दावा किया है। उन्होंने इसमें भाजपा पार्षद नेता ने 40 से अधिक पार्षदों के बैठक में शामिल होने का दावा किया है।
भाजपा पार्षद दल के नेता राजवीर सिंह ने कहा कि पार्षदों ने अपनी एकता का परिचय देते हुए महापौर को आइना दिखा दिया है। नगर निगम में अब तानाशाही और मनमानी का शासन खत्म होगा। केवल चंद चहेते पार्षदों को रेवड़ी नहीं बांटने देंगे। उन्होंने कहा कि महापौर ने पार्षदों को बैठक में यह कहकर बुलाया है कि वह सदन चलाएंगे।
बैठक में पार्षदों ने मांग की है कि पार्षद राजीव कुमार सिंह के विरुद्ध की गई शिकायत वापस ली जाए। इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए। समान रूप से सभी वार्डों में विकास कार्य कराए जाएं। बैठक में नीनू कुंजबिहारी भारद्वाज, तेजवीर सिंह अन्य पार्षद मौजूद रहे।