मथुरा। छाता कोतवाली के गांव तरौली जनूबी में 19 जून की रात घर के बाहर सो रहे वीरेंद्र की हत्या एक थप्पड़ के गुस्से के बदले में हुई थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि वीरेंद्र की पत्नी का चचेरा भाई महेश बहन के घर आया था। उसी समय पति-पत्नी में विवाद हो रहा था। महेश द्वारा विरोध पर वीरेंद्र ने उसको थप्पड़ मार दिया था। वह गांव लौट गया। वहां उसने जानकारी दी। इसी पर गुस्साए वीरेंद्र के ससुरालियों ने देर रात आकर हमला बोल दिया था। बुधवार को पुलिस ने इस वारदात के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। वीरेंद्र की पत्नी गुड़िया और उसकी बहन कमलेश को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
तरौली जनूबी निवासी राजेंद्र सिंह के दो बेटे वीरेंद्र (32) और लक्ष्मण की शादी आगरा के अछनेरा निवासी दो सगी बहन कमलेश और गुड़िया पुत्री बालो के साथ 12 साल पहले हुई थी। शादी के बाद से ही ससुर राजेंद्र को लेकर वीरेंद्र की पत्नी गुड़िया का विवाद रहता था। बीते 19 जून को भी इनके बीच विवाद चल रहा था। तभी गुड़िया का चचेरा भाई महेश पुत्र राधे घर पर आया। बहन की शिकायत पर वह उसका पक्ष लेने लगा। इसी पर वीरेंद्र ने उसको थप्पड़ मार दिया था।
देर रात को एक बोलेरो और बाइकों पर गुड़िया के ससुराल वाले आए। उन्होंने वीरेंद्र की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने अहूरी चौराहे से प्रभू पुत्र बालकिशन उर्फ बालो निवासी बवरोद, अछनेरा, आगरा, सूरज पुत्र ऊधम सिह निवासी नौगांव, छाता, हेमंत उर्फ रोहित पुत्र हाकिम सिंह निवासी नौगांव, छाता, राहुल पुत्र बच्चू सिंह निवासी नौगांव, छाता, प्रदीप पुत्र कन्हैया निवासी नौगांव, छाता को गिरफ्तार कर जेल भेजा। प्रभू की निशादेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा भी बरामद किया गया।