मोतीझील स्थित स्वामी अखंडानंद आश्रम आए शहरी एवं नगर आवास विकास के प्रमुख सचिव सदाकांत शुक्ला ने वृंदावन के विकास पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मंदिर अधिग्रहण का अधिकार प्रदेश के धर्मार्थ मंत्रालय को है। अगर सरकार बांकेबिहारी मंदिर के अधिग्रहण का विचार कर रही है तो वह प्रबंध समिति के साथ बांकेबिहारी मंदिर और वृंदावन विकास पर विचार करें। श्रद्धालुओं को सुविधाओं पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गोवर्धन में परिक्रमा मार्ग को विस्तार देने पर विचार किया जा रहा है। वृंदावन में विकास प्राधिकरण की जो भी कालोनियां है उनकी समस्याओं को दूर किया जाएगा। स्वामी महेशानंद सरस्वती महाराज के नेतृत्व में वृंदावन बाल विकास परिषद संरक्षक मेघश्याम वार्ष्णेय, मुकेश सारस्वत, गिरीश भारती, कपिल टैंटीवाल, रामकुमार आदि ने उन्हें बांकेबिहारी महाराज का चित्रपट, पाटुका, प्रसाद सहित श्रीकृष्ण बाल मेला का स्मृति चिन्ह भेंट किया।