मथुरा। उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान इस बार नए शैक्षिक सत्र से बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक और एमटेक पाठ्यक्रम शुरू कर रहा है। स्नातक कोर्स बीटेक चार वर्षीय और एमटेक दो वर्षीय होगा। इसकी प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। वेटरनेरी यूनिवर्सिटी मथुरा कैंपस में संचालित काॅलेज ऑफ बायोटेक अब तक स्नातकोत्तर डिग्री प्रोग्राम एमएससी और एमवीएससी बायोटेक्नोलॉजी संचालित कर रहा था। कुछ साल पहले स्नातक स्तर पर बीएससी बायोटेक्नोलॉजी और बीएससी इंडस्ट्रियल माइक्रो बायोलॉजी डिग्री प्रोग्राम को बंद कर दिया गया था। पिछले साल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने वेटरनेरी यूनिवर्सिटी को काॅलेज ऑफ बायोटेक में बीएससी और एमएससी के स्थान पर चार वर्षीय कोर्स बीटेक और दो वर्षीय एमटेक के संचालन के आदेश दिए। इस पर पिछले दिनों ने यूनिवर्सिटी बोर्ड ने मुहर लगाई। अब यूनिवर्सिटी ने इन दोनों पाठ्यक्रमों में बीटेक और एमटेक शुरू कर दी है। बीटेक बायोटेक्नोलॉजी के लिए 40 और एमटेक, एमवीएससी और एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में 20 सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। बायोटेक्नोलॉजी में पीएचडी के लिए 10 सीटें निर्धारित की गईं हैं। सभी पाठ्यक्रम के लिए प्रक्रिया कॉलेज ऑफ वेटरनेरी साइंस के साथ ही अपनाई जा रही है।
आईसीएआर के दिशानिर्देशों के तहत काॅलेज ऑफ बोयोटेक में नए सत्र के लिए बीटेक और एमटेक की शुरुआत की गई है। दाखिले के लिए ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। कॉलेज में स्नातक कोर्स को बंद कर दिया था, उसे भी बीटेक के साथ फिर शुरू कर दिया गया है। बहुत कम काॅलेज ही बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक और एमटेक करा रहे हैं।
डॉ. दया शंकर, डीन काॅलेज ऑफ बायोटेक
यूपी वेटरनेरी यूनिवर्सिटी, मथुरा