मथुरा के सदर थाना क्षेत्र की श्रीधाम काॅलोनी में रविवार को एक महिला ने फांसी के फंदे से लटककर जान दे दी। महिला यूनिसेफ में मथुरा ब्लाॅक की कोऑर्डिनेटर के पद पर कार्यरत थी। उसका पति से सात वर्ष से विवाद चल रहा था। फंदे पर झूलने तक महिला पति से फोन पर बात कर रही थी। पुलिस ने मृतक महिला के परिजनों की तहरीर पर पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सीता यादव (30) पत्नी कुणाल यादव निवासी पुरबिया टोला इटावा, सीएमओ ऑफिस में स्थित यूनिसेफ कार्यालय में दो साल से तैनात थी। सीता का मायका फिरोजाबाद के नगला विष्णु में है। सदर थाना क्षेत्र की श्रीधाम काॅलोनी में रवि कुमार के मकान में किराए पर रहती थी। रविवार सुबह वह पति से फोन पर बात कर रही थी। इसी दौरान दोनों के बीच कोई विवाद हुआ। सीता रसोईघर की चौखट पर दुपट्टे का फंदा डालकर उस पर झूल गई। सीता का शव लटका देख मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए सीता के सहकर्मियों व मायके वालों को सूचना दी। इंस्पेक्टर छोटेलाल के अनुसार परिजनों की तहरीर पर सीता के पति कुणाल के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
सात साल से विवाद, तीन माह पूर्व समझौते की बात, फिर अचानक आत्महत्या
सीता के परिजनों ने बताया कि उसकी शादी 10 वर्ष पूर्व कुणाल के साथ हुई थी। कुणाल मेलों में झूला लगाने का काम करता है। सीता को शादी के बाद एक बेटा हुआ, जो कि अब आठ साल का है और कुणाल के पास ही रहता है। सात साल पहले सीता और कुणाल के बीच मनमुटाव हुए। उसने सीता को छोड़ दिया।
दर्ज कराया था केस
सीता की ओर से इस मामले में केस दर्ज कराया गया। तीन माह पहले दंपती के बीच फिर से बात होने लगीं। दोनों समझौते को तैयार हो गए। एक माह तक कुणाल उसके पास मथुरा आकर भी रहा। रविवार को भी दोनों के बीच फोन पर वार्ता हो रही थी, मगर इसी दौरान दोनों के बीच अनबन हुई और सीता ने अपनी जान दे दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। यह भी सामने आया है कि सीता ने हाल में ही अपने व्हाट्सएप एकाउंट की डीपी पर कुणाल का फोटो लगाया था।