मथुरा में नौकरी के नाम पर सरकारी कर्मचारी बनकर पैसा ऐंठने वाले एक अभियुक्त को दोषी करार देते हुए एसीजेएम (प्रथम) सोनिया वर्मा ने उसे दो साल की कैद व एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना कोतवाली में जून 2022 को पीड़ित काजीपाडा निवासी अमित कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि आरोपी शेखर रस्तोगी निवासी लखनऊ ने उसकी नौकरी लगाने के नाम पर 50 हजार रुपये की रकम ली थी। शेखर ने अपने को लोक भवन लखनऊ में अधिकारी बताया था। उसकी मुलाकात एक बाबा ने आश्रम में कराई थी।
आरोपी ने पीड़ित के कागजात लिए और रकम अपने बैंक अकाउंट में डलवाई, लेकिन उसकी नौकरी नहीं लगी। रुपये वापस मांगने पर वह आनाकानी करने लगा। इस पर उसने रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। बृहस्पतिवार को इस मामले में सजा सुना दी गई।